Who is Nisha Verma: कौन हैं डॉ. निशा वर्मा? जिनकी अमेरिकी सीनेट में गर्भपात कानून पर बहस सोशल मीडिया पर हुई वायरल

भारतीय मूल की डॉक्टर निशा वर्मा और अमेरिकी सांसद जोश हॉली के बीच 'पुरुष गर्भावस्था' और 'गर्भपात कानून' को लेकर हुई तीखी बहस इस वक्त चर्चा में है। अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान डॉ. वर्मा ने राजनीतिक सवालों के बजाय चिकित्सकीय साक्ष्यों और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। जानें आखिर क्या है यह पूरा विवाद।

Who is Nisha Verma

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 16, 2026

Who is Nisha Verma: भारतीय मूल की अमेरिकी चिकित्सक डॉ. निशा वर्मा इस समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मैसाचुसेट्स और जॉर्जिया में प्रैक्टिस करने वाली डॉ. वर्मा, जो एक प्रतिष्ठित स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) हैं, हाल ही में अमेरिकी सीनेट की ‘हेल्थ, एजुकेशन, लेबर एंड पेंशन’ (HELP) कमेटी के समक्ष पेश हुईं। उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से एक विशेषज्ञ गवाह के रूप में गर्भपात के कानूनी और चिकित्सकीय पहलुओं पर गवाही देने के लिए आमंत्रित किया गया था।

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सांसद जोश हॉली का ‘पुरुष और गर्भावस्था’ पर विवादास्पद सवाल

बताते चले कि, सुनवाई के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब रिपब्लिकन सांसद जोश हॉली ने डॉ. वर्मा से एक बेहद ही असामान्य सवाल पूछ लिया। उन्होंने पूछा, “क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?” सांसद हॉली का तर्क था कि वह केवल ‘जैविक वास्तविकता’ (Biological Reality) को स्पष्ट करना चाहते हैं। उन्होंने डॉ. वर्मा पर इस बात का सीधा ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब देने के लिए दबाव बनाया कि क्या जैविक रूप से पुरुष बच्चे को जन्म देने में सक्षम हैं।

डॉक्टर का जवाब

सांसद के बार-बार टोकने और दबाव डालने के बावजूद डॉ. निशा वर्मा ने संयम बनाए रखा। उन्होंने इस राजनीतिक जाल में फंसने के बजाय अपना पूरा ध्यान ‘मरीजों की सुरक्षा’ और ‘साक्ष्य आधारित चिकित्सा’ (Evidence-based Medicine) पर केंद्रित रखा। डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि गर्भपात एक जटिल स्वास्थ्य प्रक्रिया है जिसे वैचारिक मतभेदों के बजाय वैज्ञानिक प्रमाणों की रोशनी में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस सवाल के पीछे का राजनीतिक मकसद समझ नहीं आ रहा है, क्योंकि उनका कार्यक्षेत्र चिकित्सा विज्ञान है।

गर्भपात की दवाओं की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण आंकड़े

अपनी गवाही के दौरान डॉ. वर्मा ने सांसदों को सचेत किया कि गर्भपात की दवाओं पर लगाए जा रहे राजनीतिक प्रतिबंध मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने ‘मिफेप्रिस्टोन’ (Mifepristone) दवा का उदाहरण देते हुए बताया कि साल 2000 से अब तक अमेरिका में लगभग 75 लाख लोग इसका सुरक्षित उपयोग कर चुके हैं। उन्होंने 100 से अधिक उच्च-स्तरीय ‘पियर-रिव्यू’ शोधों का हवाला देते हुए कहा कि इन दवाओं को पूरी तरह से प्रभावी और सुरक्षित माना गया है।

विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. निशा वर्मा का शैक्षणिक परिचय

डॉ. निशा वर्मा एक भारतीय अप्रवासी परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उनका जन्म नॉर्थ कैरोलिना में हुआ था। वह ‘फिजिशियन फॉर रिप्रोडक्टिव हेल्थ’ में वरिष्ठ सलाहकार होने के साथ-साथ ‘कॉम्प्लेक्स फैमिली प्लानिंग’ की विशेषज्ञ भी हैं। उनके पास बायोलॉजी, एंथ्रोपॉलोजी और पब्लिक हेल्थ में उच्च डिग्रियां हैं। वर्तमान में, वह एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। वह लंबे समय से गर्भपात प्रतिबंधों के खिलाफ और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों के पक्ष में एक मजबूत आवाज रही हैं।

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