Donald Trump on Iran: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार, 2 अप्रैल को राष्ट्र के नाम दिए गए एक बड़े संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अभी जंग खत्म नहीं हुई है और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) पूरी रफ्तार से जारी रहेगा। ट्रंप ने अपनी योजना का खुलासा करते हुए बताया कि अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर अमेरिका ईरान के खिलाफ बेहद सख्त रवैया अपनाने जा रहा है क्योंकि ईरान में उनके अहम टारगेट पूरे होने के कगार पर हैं।
अगले 2 से 3 हफ्तों में होगा बड़ा हमला
अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को सीधे तौर पर विनाशकारी हमले की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सभी लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की राह पर आगे बढ़ रहा है और इसके लिए कड़े फैसले लिए जा रहे हैं।
ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा, “हम अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार करने वाले हैं।” उन्होंने आगे बेहद आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “हम इस हमले से उन्हें वापस पाषाण युग (Stone Age) में ले जाएंगे, जहां वे वास्तव में रहने के हकदार थे।”
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर किया बड़ा दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना द्वारा चलाए जा रहे कथित ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज शाम जब वह देश को संबोधित कर रहे हैं, तो इस ऑपरेशन को शुरू हुए ठीक एक महीना पूरा हो चुका है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले महज 4 सप्ताह के भीतर अमेरिकी सेनाओं ने युद्ध के मैदान में बेहद निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी जांबाजों ने ऐसी अकल्पनीय जीत दर्ज की है जो बहुत कम लोगों ने सैन्य इतिहास में पहले कभी देखी होगी।
पावर प्लांट तबाह करने की धमकी और सत्ता परिवर्तन पर बयान
ट्रंप ने ईरान के सामने सरेंडर या समझौते की शर्त रख दी है। उन्होंने सीधे तौर पर ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिकी सेना उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों (Power Plants) पर एक साथ भीषण हमला करके उन्हें पूरी तरह अंधकार में धकेल देगी।
उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, वायुसेना तबाह हो चुकी है और उनके ज्यादातर बड़े सैन्य कमांडर मारे जा चुके हैं। ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) पर ईरान का कमांड और कंट्रोल पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका का लक्ष्य कभी भी वहां तख्तापलट करने का नहीं था, लेकिन उनके सुप्रीम लीडर की मौत की वजह से वहां सत्ता में अप्रत्याशित बदलाव हुए हैं।










