Donald Trump Air Force One: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित सैन्य अड्डे ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ में आयोजित एक भव्य और आधिकारिक समारोह के दौरान नए अस्थायी ‘एयर फोर्स वन’ का फीता काटकर उद्घाटन किया। दुनिया का सबसे आलीशान माना जाने वाला यह बोइंग विमान कतर सरकार की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका को एक विशेष कूटनीतिक उपहार के रूप में भेंट किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अत्याधुनिक और भव्य विमान की अनुमानित कीमत करीब 400 मिलियन डॉलर (लगभग 37 अरब रुपये) आंकी गई है, जो अब अमेरिकी राष्ट्रपति के बेड़े की शोभा बढ़ाएगा।
अत्याधुनिक वीसी-25बी (VC-25B) की अनूठी विशेषताएं
बताते चले कि, तकनीकी गलियारों में वीसी-25बी (VC-25B) के नाम से पहचाने जाने वाले इस नए राष्ट्रपति विमान को लाल, सफेद, गहरे नीले और सुनहरे रंगों की एक विशेष शाही डिजाइन से तैयार किया गया है। वर्तमान समय में इसे वैश्विक विमानन क्षेत्र का सबसे शानदार और सर्वआधुनिक जेट माना जा रहा है। विमान के अनावरण के ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर (शासक) के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि वे एक असाधारण और शानदार इंसान हैं, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में काफी कुछ झेला है। ट्रंप ने आगे गर्व से कहा कि यह दुनिया का सबसे भव्य विमान है और जब इसे तैयार किया गया था, तब इसके इंटीरियर और सुरक्षा को एक ऐसे अभूतपूर्व स्तर पर ले जाया गया जिसे शायद मानव इतिहास में दोबारा कभी नहीं देखा जा सकेगा।
400 मिलियन डॉलर के महाउपहार पर छिड़ा कानूनी संग्राम
कतर से मिले इस अति-महंगे कूटनीतिक गिफ्ट को लेकर वाशिंगटन और पूरे अमेरिका के राजनीतिक हलकों में एक बड़ा कानूनी विवाद और बहस छिड़ गई है। आलोचकों और विपक्षी रणनीतिकारों का तर्क है कि अमेरिकी संघीय नियमों (Federal Regulations) के कठोर प्रावधानों के तहत सरकारी पद पर रहते हुए किसी भी विदेशी स्रोत से 50 डॉलर से अधिक मूल्य का उपहार स्वीकार करना पूरी तरह प्रतिबंधित है, जबकि इस विमान की कीमत करोड़ों डॉलर में है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इन तमाम आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए सीधे शब्दों में कहा कि इतने बड़े और लाभकारी ऑफर को ठुकरा देना सरासर “बेवकूफी” होती।
इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने भी आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि इस विमान को सभी आवश्यक राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों और विधिक प्रक्रियाओं का पूर्णतः पालन करते हुए ही राजकीय संपत्ति के रूप में स्वीकार किया गया है। हालांकि, इस वीआईपी जेट को राष्ट्रपति के आधिकारिक उपयोग और फुल-प्रूफ सुरक्षा के पूरी तरह अनुकूल बनाने के लिए अभी करीब 1 अरब डॉलर (83 अरब रुपये) के अतिरिक्त अपग्रेडेशन खर्च का अनुमान लगाया गया है।
अस्थाई तौर पर सेवा देगा कतरी विमान
यह आलीशान विमान केवल तब तक अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘अस्थायी एयर फोर्स वन’ के रूप में अपनी सेवाएं देगा, जब तक कि दिग्गज विमानन कंपनी बोइंग (Boeing) द्वारा विशेष रूप से राष्ट्रपति के लिए तैयार किए जा रहे दो नए मुख्य विमान डिलीवर नहीं हो जाते। अमेरिकी वायुसेना के कार्यक्रम के अनुसार, इन दो नए विमानों की डिलीवरी क्रमशः वर्ष 2027 और 2028 में होनी तय की गई है। लगातार हो रही देरी और सुरक्षा उपकरणों को अपग्रेड करने के कारण इन दोनों आगामी स्थाई वीआईपी विमानों की कुल निर्माण लागत पहले ही बजट को पार करते हुए 5 अरब डॉलर (लगभग 415 अरब रुपये) के पार पहुंच चुकी है।
पुराने विमानों के रिटायरमेंट की असली वजह
अपने संबोधन के आखिर में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी वायुसेना के पुराने विमान बेड़े को हटाने के फैसले को बेहद जरूरी और तर्कसंगत बताया। उन्होंने कहा कि महाशक्ति होने के नाते अमेरिका को दुनिया के अन्य शीर्ष नेताओं के मुकाबले कहीं अधिक आधुनिक, सुरक्षित और उन्नत तकनीक वाले विमान की सख्त आवश्यकता है। ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा कि दुनिया के कई छोटे देशों के राष्ट्रप्रमुखों के पास वर्तमान में हमसे कहीं ज्यादा नए, आधुनिक और बेहतर जेट्स उपलब्ध हैं, जो महाशक्ति अमेरिका के लिए थोड़ी हास्यास्पद और असहज करने वाली स्थिति थी।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का मौजूदा मुख्य विमान बेड़ा वर्ष 1990 से लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में बेड़े में शामिल किया गया था। हाल ही में एक बड़ी तकनीकी खराबी और इंजन की समस्या के चलते इनमें से एक एयरफोर्स वन विमान को बीच उड़ान से ही एमरज़ेंसी लैंडिंग के लिए वापस लौटना पड़ा था, जिसने इस बदलाव की गति को और तेज कर दिया।










