US Midterm Elections : अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और रूस की जासूसी गतिविधियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। आयोवा में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका भी अपने विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखता है। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका जासूसी करने के मामले में चीन और रूस से बेहतर है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां विदेशी खुफिया गतिविधियों को लेकर लगातार सतर्कता बरत रही हैं।
‘चिंता मत करो, हम उनसे बेहतर जासूसी करते हैं’
रैली के दौरान ट्रंप ने एक बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि किसी ने उनसे कहा था कि चीन अमेरिका की जासूसी कर रहा है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि चीन ऐसा कर रहा है तो अमेरिका भी उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। ट्रंप के मुताबिक, जब उन्हें चीन और रूस की जासूसी को लेकर चिंता जताई गई, तो उन्होंने कहा कि अमेरिका भी उनके खिलाफ खुफिया अभियान चलाता है और इस काम में बेहतर है। उनके इस बयान ने चुनावी रैली के दौरान लोगों का ध्यान खींचा।
चीन के खुफिया नेटवर्क पर अमेरिकी एजेंसियों की कार्रवाई
ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी न्याय विभाग और संघीय जांच ब्यूरो (FBI) चीन से जुड़े कथित खुफिया नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को दो चीनी नागरिकों लिरेन ‘रायन’ लाई (40) और युआंसे चेन (39) को 30-30 महीने की जेल की सजा सुनाए जाने की जानकारी दी। दोनों ने विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में बिना आवश्यक सूचना दिए काम करने से जुड़े आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था।
चीन के MSS के निर्देश पर काम करने का आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, दोनों आरोपी चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय (Ministry of State Security-MSS) के निर्देशों पर काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि उनका काम अमेरिकी सेना और नौसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां जुटाना और अमेरिकी सैन्य कर्मियों को खुफिया नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश करना था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों मई 2021 से इस गतिविधि में शामिल थे। लाई ने चेन को इस नेटवर्क से जोड़ा था और शुरुआत में चीनी खुफिया अधिकारियों तथा चेन के बीच संपर्क का काम किया था।
10 हजार डॉलर का गुप्त भुगतान और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें
जांच में जनवरी 2022 में कैलिफोर्निया के लिवरमोर में करीब 10 हजार डॉलर के गुप्त नकद भुगतान का मामला भी सामने आया। इस रकम को एक बैकपैक में रखकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, चेन ने अमेरिकी नौसेना के ठिकानों, भर्ती केंद्रों और सैन्य कर्मियों से जुड़ी तस्वीरें तथा जानकारियां भी जुटाईं। इनमें वाशिंगटन स्थित नेवल बेस किटसैप और कैलिफोर्निया के नौसेना भर्ती केंद्र से संबंधित सामग्री शामिल थी। अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि संभावित खुफिया संपर्कों की व्यक्तिगत जानकारियां एकत्र की गई थीं।
FBI ने 2025 में दोनों आरोपियों को किया था गिरफ्तार
इस मामले में FBI ने 27 जून 2025 को बहु-राज्यीय काउंटर-इंटेलिजेंस अभियान के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों ने अदालत में अपने खिलाफ लगे आरोप स्वीकार किए। न्याय विभाग के अनुसार, मई 2025 में भी लाई को फीनिक्स में करीब 20 हजार डॉलर के एक अन्य गुप्त भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश मिला था। अदालत ने दोनों को 30 महीने की जेल के साथ तीन साल की निगरानी में रिहाई की सजा भी सुनाई।
मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप के बयान के क्या हैं मायने?
आयोवा की रैली में ट्रंप ने अपने बयान के जरिए अमेरिकी खुफिया क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया। अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले चीन और रूस की गतिविधियां चुनावी चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं। हालांकि, ट्रंप के जासूसी में अमेरिका के बेहतर होने संबंधी दावे के समर्थन में रैली के दौरान कोई विस्तृत आंकड़ा पेश नहीं किया गया। वहीं, चीनी नागरिकों को मिली सजा अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की काउंटर-इंटेलिजेंस कार्रवाई का एक अलग मामला है।











