Lakshya Sen Hilo Open 2026 : लक्ष्य सेन ने खत्म किया खिताबी सूखा, हाइलो ओपन में रचा इतिहास

आठ बार शुरुआती दौर में हार का सामना करने वाले लक्ष्य सेन ने आखिरकार जोरदार वापसी की है। हाइलो ओपन के फाइनल में उन्होंने विश्व नंबर छह जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में हराकर खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ लक्ष्य ने कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया? जानिए।

Lakshya Sen Hilo Open 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 2, 2026

Lakshya Sen Hilo Open 2026 : भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने आखिरकार इस सीजन अपने खिताब का इंतजार खत्म कर दिया है। जर्मनी में खेले गए हाइलो ओपन के फाइनल में लक्ष्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया के दिग्गज खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में मात दी। विश्व रैंकिंग में 14वें स्थान पर काबिज लक्ष्य ने फाइनल मुकाबला 21-17, 21-10 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का सातवां खिताब हासिल कर लिया। इतना ही नहीं, लक्ष्य दूसरी बार हाइलो ओपन चैंपियन बने हैं। वह इस टूर्नामेंट को दो बार जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी भी बन गए हैं।

फाइनल में लक्ष्य का दमदार प्रदर्शन, क्रिस्टी को नहीं दिया मौका

रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में लक्ष्य सेन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। हालांकि, पहले गेम में उन्हें इंडोनेशियाई खिलाड़ी से कड़ी चुनौती मिली। लक्ष्य ने एक समय 18-10 की बड़ी बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद उनकी लय थोड़ी बिगड़ गई। क्रिस्टी ने लगातार अंक हासिल करते हुए स्कोर 17-18 तक पहुंचा दिया। ऐसा लगने लगा कि मुकाबले में रोमांच बढ़ सकता है, लेकिन लक्ष्य ने दबाव में शानदार संयम दिखाया। उन्होंने लगातार बेहतर शॉट लगाते हुए पहला गेम 21-17 से जीत लिया।

दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने दिखाई असली ताकत

पहला गेम जीतने के बाद लक्ष्य सेन ने दूसरे गेम में कोई गलती नहीं की। उन्होंने अपने तेज स्मैश, शानदार नेट प्ले और सटीक शॉट्स से जोनाथन क्रिस्टी को लगातार दबाव में रखा। विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर मौजूद क्रिस्टी पूरे मुकाबले में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए। दूसरी तरफ लक्ष्य ने हर अंक के लिए आक्रामक खेल दिखाया और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। भारतीय खिलाड़ी ने दूसरा गेम एकतरफा अंदाज में 21-10 से जीतकर हाइलो ओपन की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

आठ बार पहले दौर में हार, फिर लक्ष्य ने की शानदार वापसी

लक्ष्य सेन के लिए यह खिताबी जीत कई मायनों में खास है। इस सीजन उनका प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहा था। ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने के बावजूद उन्हें कई टूर्नामेंट में शुरुआती दौर में निराशा हाथ लगी। इस सीजन टूर पर वह आठ बार पहले ही दौर में बाहर हो चुके थे। ऐसे में हाइलो ओपन का खिताब उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ है। इस जीत से उन्होंने साबित किया कि मुश्किल दौर के बाद भी शानदार वापसी की जा सकती है।

दूसरी बार बने हाइलो ओपन चैंपियन, सातवां करियर खिताब

लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले उन्होंने साल 2021 में भी हाइलो ओपन का खिताब जीता था। अब दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपना दबदबा साबित कर दिया है। लक्ष्य ने अपना पिछला खिताब पिछले सीजन ऑस्ट्रेलियन ओपन में जीता था। वहीं, भारतीय बैडमिंटन के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी खास रहा क्योंकि पीवी सिंधु ने भी हाइलो ओपन का खिताब जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। लक्ष्य की इस उपलब्धि से भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों में खुशी की लहर है।

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