Donald Trump Post : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक बेहद संवेदनशील और रहस्यमयी पोस्ट साझा किया है। उनके इस एक कदम ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में पहले से ही जारी भारी तनाव को एक नए और खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने अपने इस विवादास्पद पोस्ट में अंग्रेजी में लिखा, “It was the calm before the storm” जिसका सीधा और साफ हिंदी अर्थ है— “यह तूफान से पहले की शांति थी।” राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान केवल शब्दों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके साथ संलग्न तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों की नींद उड़ा दी है। इस हैरान करने वाले पोस्ट के सामने आने के बाद से ही वैश्विक बाजारों और रणनीतिक हलकों में युद्ध की नई आशंकाओं को लेकर गंभीर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इंडेक्स फिंगर से चेतावनी और ईरानी जहाज,
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस सोशल मीडिया संदेश के साथ जो तस्वीर साझा की है, वह बेहद आक्रामक और चेतावनी भरे अंदाज को बयां करती है। इस विशेष तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी नौसेना (US Navy) के एक विशाल युद्धपोत पर मुस्तैदी से खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में वे सामने की ओर अपनी तर्जनी उंगली (इंडेक्स फिंगर) से इशारा करते हुए एक कड़ा संदेश देते नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि इस तस्वीर के बैकग्राउंड में पीछे की तरफ ईरान की नौसेना के तीन से चार जंगी जहाज और सैन्य बोट भी साफ तौर पर तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के जरिए ट्रंप ने बिना कुछ कहे भी ईरान को एक बेहद सीधी और सख्त सैन्य चेतावनी देने की कोशिश की है।
अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को लगा बड़ा झटका,
राजनीतिक विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के इस ताजा सोशल मीडिया पोस्ट को सीधे तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच पिछले काफी समय से चले आ रहे गंभीर गतिरोध से जोड़कर देखा जा रहा है। मालूम हो कि पिछले कुछ महीनों में इन दोनों शक्तिशाली देशों के बीच सैन्य (मिलिट्री) और राजनयिक (डिप्लोमैटिक) दोनों ही स्तरों पर दूरियां और कड़वाहट लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ जहां संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय के देश लगातार शांति वार्ता आयोजित करने और इस इलाके में तनाव को कम करने के कड़े प्रयासों में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ महाशक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के इस नए और आक्रामक बयान ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह स्थिति सुधरने की बजाय और ज्यादा विस्फोटक व गंभीर हो सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मंडराया युद्ध का खतरा
गौरतलब है कि यह पूरी भू-राजनीतिक हलचल ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बेहद रणनीतिक समुद्री इलाके के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। जान लें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक माना जाता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह रूट इतना अहम है कि यहां होने वाली किसी भी छोटी सी भी सैन्य गतिविधि या टकराव का सीधा और तात्कालिक प्रभाव ग्लोबल ऑयल सप्लाई (वैश्विक तेल आपूर्ति) और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों पर पड़ता है। ट्रंप का यह भड़काऊ पोस्ट ठीक ऐसे नाजुक वक्त में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया के इस पूरे क्षेत्र में पहले से ही अमेरिकी और ईरानी नौसेनाओं की आक्रामक गतिविधियों को लेकर दुनिया भर के देश गहरे असमंजस और चिंता में डूबे हुए हैं।
बिना सीधे जिक्र के भी ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
हालांकि, यदि तकनीकी तौर पर देखा जाए तो डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस पूरे सोशल मीडिया पोस्ट में प्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह की सीधी सैन्य कार्रवाई, हमले या युद्ध के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है। लेकिन इसके बावजूद, उनके द्वारा चुने गए शब्द और पोस्ट की गई तस्वीर के तीखे तेवरों ने वैश्विक राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस रवैये से साफ आशंका पैदा हो रही है कि आने वाले समय में अमेरिका और ईरान के बीच का यह शीत युद्ध किसी भी वक्त एक बड़े और सीधे सैन्य टकराव में तब्दील हो सकता है, जो पूरे विश्व के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होगा।










