Donald Trump Approval Rating: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्हें कभी राजनीति का सबसे ताकतवर और लोकप्रिय चेहरा माना जाता था, आज अपने ही फैसलों के कारण आलोचना का सामना कर रहे हैं। ईरान के साथ जारी युद्ध ने न केवल वैश्विक हालात को अस्थिर किया है, बल्कि ट्रंप की छवि और भरोसे को भी गहरा झटका दिया है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि उनकी नेट अप्रूवल रेटिंग माइनस 17 तक गिर गई है, जो उनके राजनीतिक करियर के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
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इतिहास में सबसे अलोकप्रिय राष्ट्रपति
एएफ पोस्ट के हालिया विश्लेषण के अनुसार ट्रंप की लोकप्रियता अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। उनकी रेटिंग जिमी कार्टर, रोनाल्ड रीगन और जो बाइडन जैसे पूर्व राष्ट्रपतियों से भी नीचे चली गई है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत सकारात्मक रेटिंग के साथ हुई थी, लेकिन ईरान युद्ध के लंबा खिंचने से जनता का भरोसा लगातार टूटता गया।
रिपब्लिकन समर्थकों में भी गिरावट
फॉक्स न्यूज के सर्वे ने भी ट्रंप की चिंता बढ़ा दी है। 26 मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल मार्च में जहां 92 प्रतिशत रिपब्लिकन ट्रंप के साथ थे, अब यह आंकड़ा घटकर 84 प्रतिशत रह गया है। यानी उनके अपने समर्थकों के बीच भी असंतोष बढ़ रहा है। वहीं करीब 75 प्रतिशत निर्दलीय मतदाताओं ने ट्रंप के कामकाज को नकार दिया है, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
ईरान नीति पर जनता का विरोध
यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट के सर्वे में साफ हुआ है कि अमेरिकी जनता ईरान के साथ सीधे संघर्ष के पक्ष में नहीं है। केवल 29 प्रतिशत लोग ही ट्रंप की रणनीति का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 63 प्रतिशत इसे गलत मानते हैं। पिछले साल अप्रैल में ट्रंप की रेटिंग 44 प्रतिशत थी, जो अब गिरकर 33 प्रतिशत रह गई है। इससे स्पष्ट है कि जनता को यह युद्ध अमेरिका के लिए महंगा साबित होता दिख रहा है।
‘मेगा’ आंदोलन की कमजोर होती पकड़
ट्रंप की सबसे बड़ी ताकत उनका ‘मेगा’ समर्थक आधार रहा है। लेकिन एमहर्स्ट के सर्वे के अनुसार अब केवल 33 प्रतिशत लोग ही खुद को इस आंदोलन से जुड़ा मानते हैं। ईरान युद्ध के चलते बढ़ती तेल की कीमतें और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती ने आम नागरिकों में चिंता बढ़ा दी है। क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी और एपी-नॉर्क जैसे संस्थानों के सर्वे में भी ट्रंप की रेटिंग करीब 38 प्रतिशत बताई गई है।
सर्वे के नतीजे बताते हैं कि ट्रंप की लोकप्रियता में लगातार गिरावट हो रही है। ईरान युद्ध, बढ़ती महंगाई और सुरक्षा नीतियों पर जनता का असंतोष उनके राजनीतिक भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। कभी मजबूत समर्थक आधार रखने वाले ट्रंप अब अपने ही वोटरों के बीच भरोसा खोते नजर आ रहे हैं।
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