DMK तमिलनाडु में 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, स्टालिन इस सीट से करेंगे चुनावी संघर्ष

चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके ने सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। सत्ता में बैठी डीएमके 234 में से 164 सीटों पर लड़ेगी, जबकि सहयोगियों के लिए 70 सीटें छोड़ी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कोलाथुर से चुनाव लड़ेंगे। तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में दूसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस को इस चुनाव में 28 सीटें मिली है। तीसरे नंबर पर डीएमडीके है, जो कि 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चौथे नंबर पर वीसीके है, जो 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा सीपीएम और सीपीआई भी पांच-पांच सीटों

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 28, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

चेन्नई

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके ने सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। सत्ता में बैठी डीएमके 234 में से 164 सीटों पर लड़ेगी, जबकि सहयोगियों के लिए 70 सीटें छोड़ी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कोलाथुर से चुनाव लड़ेंगे।

तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में दूसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस को इस चुनाव में 28 सीटें मिली है। तीसरे नंबर पर डीएमडीके है, जो कि 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चौथे नंबर पर वीसीके है, जो 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा सीपीएम और सीपीआई भी पांच-पांच सीटों को हासिल करने में कामयाब रहीं। गठबंधन में शामिल बाकी अन्य पार्टियां भी अपने प्रभुत्व अनुसार चुनाव लड़ेंगी।

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने डीएमके के खाते में आई 164 सीटों पर उम्मीदवारों का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से चुनाव में हिस्सा लेंगे, वहीं उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयानिधि स्टालिन चेपॉक तिरुवल्लिकेनी से ही चुनावी मैदान में होंगे।

इसके अलावा राज्य की कई हाई प्रोफाइल सीटों पर भी उम्मीवारों की घोषणा की गई। इसमें कोयंबटूर दक्षिण से राज्य सरकार में मंत्री सेंथिल बालाजी चुनाव लड़ेंगे। पिछली विधानसभा में वह करूर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

आपको बता दें, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का मुकाबला इस बार दिलचस्प हो गया है। आम तौर पर यहां डीएमके और एआईडीएमके के बीच में ही मुकाबला होता है। इनमें डीएमके के साथ कांग्रेस खड़ी नजर आती है, तो वहीं एआईडीएमके के साथ भाजपा मैदान में होती है। लेकिन इस बार फिल्म अभिनेता से नेता बने विजय भी मैदान में हैं। इससे दोनों ही गठबंधनों की चिंता बढ़ गई है।

सत्तारुढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रहे स्टालिन एक बार फिर से कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव जीतने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ, भाजपा के साथ लोकसभा चुनाव की खट्टी-मीठी यादों को भुलाकर एआईडीएमके राज्य में अपनी खोई हुई सत्ता को दोबारा हासिल करने की कोशिश में है।

Leave a Comment

2