
Diwali at White House 2026 : अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में इस बार दिवाली का त्योहार खास अंदाज में मनाया जा रहा है। दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली इमारत व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दीपावली का आयोजन किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस समारोह में शामिल होंगे। जिस ओवल ऑफिस से अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं, वहां दिवाली के दीये रोशनी बिखेरेंगे। यह आयोजन भारतीय संस्कृति और अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय के महत्व को दर्शाता है।
जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में शुरू हुई थी परंपरा
व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा आज की नहीं है। इसकी शुरुआत अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में हुई थी। उस समय दिवाली का कार्यक्रम मुख्य रूप से आइज़नहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित किया जाता था।इस समारोह में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधि और भारतीय राजनयिक शामिल होते थे। कार्यक्रम भले ही छोटा और औपचारिक होता था, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा संदेश छिपा था। यह आयोजन दिखाता था कि अमेरिका में भारतीय समुदाय अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक योगदान के कारण लगातार महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है
बराक ओबामा ने 2009 में खुद जलाया था पहला दीया
व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह की परंपरा को वर्ष 2009 में नई पहचान मिली। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा व्हाइट हाउस में खुद दीप प्रज्वलित करने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने ईस्ट रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दीया जलाकर दिवाली मनाई थी।
यह क्षण अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लाखों लोगों के लिए बेहद खास और गर्व का विषय बना। इसके बाद व्हाइट हाउस में दीप प्रज्वलन की परंपरा लगातार आगे बढ़ती रही। समय के साथ यह आयोजन ईस्ट रूम के अलावा रूजवेल्ट रूम और ओवल ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंच गया।
पिछले साल ट्रंप और भारतीय राजदूत ने साथ जलाया था दीपक
पिछले साल भी व्हाइट हाउस में दिवाली का विशेष आयोजन देखने को मिला था। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलित किया था।इस दौरान भारत और अमेरिका के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने समारोह को खास बना दिया था। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति और दूसरी ओर भारत के राजनयिक के बीच जलता हुआ छोटा-सा दीपक दोनों देशों की सांस्कृतिक नजदीकी का प्रतीक बना। दीपावली का यह दृश्य भारतीय समुदाय के बीच भी काफी चर्चा में रहा।
दिवाली समारोह से मजबूत होते हैं भारत-अमेरिका के रिश्ते
इस साल भी ओवल ऑफिस में दिवाली समारोह आयोजित होना भारत और अमेरिका के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर लगातार बातचीत होती रहती है। ऐसे में दिवाली जैसे सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और विश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।
व्हाइट हाउस में दीप प्रज्वलन केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक रस्म नहीं है, बल्कि यह अमेरिका में भारतीय समुदाय की पहचान और योगदान का सम्मान भी है। रोशनी का यह पर्व हर साल दोनों देशों के बीच दोस्ती, सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश देता है।











