Diwali 2026: भारत में कहां मनाई जाती है सबसे अनोखी दिवाली? जानें इन शहरों की खास परंपराएं

भारत के विभिन्न शहरों में दिवाली का पर्व अपनी अनूठी परंपराओं और भव्यता के लिए जाना जाता है। अयोध्या के भव्य दीपोत्सव और वाराणसी की अलौकिक देव दीपावली से लेकर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की विहंगम सजावट, कोलकाता की प्रसिद्ध काली पूजा और गोवा में नरकासुर दहन की परंपरा तक—ये अनोखी सांस्कृतिक झलकियां भारत के दीपोत्सव को बेहद खास और अद्भुत बनाती हैं।

Diwali 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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Diwali 2026: दिवाली आते ही पूरे देश में रंग-बिरंगी लाइट्स, दीयों की रोशनी और रंगोली की रौनक देखने को मिलती है। हालांकि, भारत में कुछ ऐसे शहर भी हैं, जहाँ दिवाली का पर्व सिर्फ घरों की सजावट और पटाखों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यहाँ की पौराणिक परंपराएं और अनूठी संस्कृति इस त्योहार को बेहद खास बना देती हैं। यदि आप इस दिवाली कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत के इन खास शहरों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): सरयू तट पर दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड

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भारत में कहां मनाई जाती है सबसे अनोखी दिवाली?

भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में दिवाली की भव्यता देखते ही बनती है। 14 वर्षों के वनवास के बाद श्री राम के आगमन की स्मृति में वर्ष 2017 से यहाँ ‘दीपोत्सव’ का विशाल आयोजन किया जाता है। सरयू नदी के घाटों पर एक साथ प्रज्वलित होने वाले लाखों दीयों का अलौकिक दृश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भावविभोर कर देता है।

वाराणसी (उत्तर प्रदेश): भव्य गंगा आरती और देव दीपावली

वाराणसी में शाम ढलते ही गंगा के घाट हजारों दीयों से जगमगा उठते हैं। यहाँ की सुप्रसिद्ध शाम की महा-आरती और देव दीपावली का दृश्य मनमोहक होता है। दिवाली के अवसर पर घाटों का दिव्य स्वरूप और धार्मिक उत्साह देखने योग्य होता है।

जयपुर (राजस्थान): जगमगाते बाजार और नाहरगढ़ से खूबसूरत नजारा

राजस्थान की ‘पिंक सिटी’ जयपुर दिवाली के दौरान अपनी लाइटिंग और सजावट के लिए पूरे देश में मशहूर है।

जौहरी बाजार व हवा महल: यहाँ के पारंपरिक बाजार और ऐतिहासकि इमारतें रंग-बिरंगी लाइट्स से नहा उठती हैं।

नाहरगढ़ किला: किले से रात के समय जगमगाते जयपुर का नजारा अत्यंत लुभावना लगता है।

अमृतसर (पंजाब): स्वर्ण मंदिर और बंदी छोड़ दिवस

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भारत में कहां मनाई जाती है सबसे अनोखी दिवाली?

अमृतसर में दिवाली को सिख समुदाय ‘बंदी छोड़ दिवस’ के रूप में बड़े उत्साह से मनाता है। इतिहास के अनुसार, इसी दिन सिखों के छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी मुगल बादशाह जहांगीर की कैद से 52 राजाओं को मुक्त कराकर अमृतसर लौटे थे। इस अवसर पर स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) की भव्य सजावट और आतिशबाजी का नजारा अद्वितीय होता है।

कोलकाता (पश्चिम बंगाल): भव्य पंडालों में मां काली की पूजा

जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन होता है, वहीं कोलकाता में इस दिन ‘काली पूजा’ की जाती है। पूरे शहर में विशाल पंडाल सजाए जाते हैं, जिनमें मां काली की आकर्षक मूर्तियां स्थापित की जाती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।

गोवा: नरकासुर के विशाल पुतलों का दहन

गोवा में दिवाली से एक रात पहले यानी नरक चतुर्दशी पर अनूठी परंपरा निभाई जाती है। यहाँ बांस, कागज और कपड़ों से नरकासुर के बड़े-बड़े पुतले बनाए जाते हैं। पणजी और तालेगांव की सड़कों पर रातभर इन पुतलों का प्रदर्शन होता है और सुबह होने से पहले इनका दहन किया जाता है।

उदयपुर (राजस्थान): झीलों के किनारे जगमगाता शहर

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भारत में कहां मनाई जाती है सबसे अनोखी दिवाली?

‘झीलों की नगरी’ उदयपुर में दिवाली की रात पिछोला झील के आसपास का नजारा स्वर्ग जैसा प्रतीत होता है।

गणगौर व अंब्राई घाट: झीलों में पड़ती दीपों और लाइट्स की परछाई शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है।

सिटी पैलेस: रोशनी से नहाया सिटी पैलेस और पुरानी गलियों की रौनक देखने लायक होती है।

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