
Diwali 2026: रोशनी और खुशियों का महापर्व दीपावली आज पूरे देश में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व जीवन में सुख-समृद्धि, खुशहाली और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर घर, कार्यालय, दुकान और व्यापारिक प्रतिष्ठानों सहित हर स्थान पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान और सही मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश पूजन करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और कारोबार में तरक्की के नए द्वार खुलते हैं। इस वर्ष दिवाली के पावन पर्व पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं।
Auspicious Animals On Diwali: दिवाली की रात दिख जाएं ये 7 जीव, मां लक्ष्मी
गृहस्थों और व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजन के मुख्य मुहूर्त

दिवाली के दिन शाम के समय गृहस्थों के लिए लक्ष्मी पूजन का सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, प्रदोष काल शाम 5:31 से रात 8:08 तक और वृषभ लग्न शाम 5:55 से 7:51 तक पूजन के लिए बेहद खास है। वहीं, दुकान और नए प्रतिष्ठानों के लिए चंचल मुहूर्त सुबह 8:10 से 9:40 तक, जबकि व्यापारियों और किसानों के लिए लाभ मुहूर्त सुबह 9:40 से 11:10 तक सबसे फलदायी माना गया है।
ऑफिस और नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष शुभ मुहूर्त
दीपावली के दिन व्यापारिक संस्थानों, प्राइवेट ऑफिस और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी विशेष मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। प्राइवेट ऑफिस और कार्यस्थलों के लिए अमृत मुहूर्त सुबह 11:28 से दोपहर 12:13 तक रहेगा। इसके अलावा, नौकरीपेशा लोग अभिजीत मुहूर्त यानी सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 के बीच अपने कार्यस्थल पर मां लक्ष्मी का स्मरण कर सकते हैं। इन मुहूर्तों में पूजा करने से कार्यक्षेत्र में यश, सफलता और आर्थिक स्थिरता की प्राप्ति होती है।
छात्र-छात्राओं के लिए विद्या और एकाग्रता का विशेष समय

दिवाली का यह महापर्व केवल व्यापारियों या गृहस्थों के लिए ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। छात्र-छात्राओं के लिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:35 से 02:58 के बीच रहेगा। इस दौरान छात्र माता लक्ष्मी के साथ-साथ विद्या की देवी मां सरस्वती का स्मरण कर सकते हैं। वे अपनी अध्ययन सामग्री, किताबें और कॉपियों को पूजा स्थल के पास रखकर बेहतर भविष्य, ज्ञान और एकाग्रता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
घर और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजन की सरल विधि
पूजा की विधि की बात करें तो सबसे पहले घर या दुकान की अच्छी तरह सफाई कर मुख्य द्वार पर रंगोली सजाएं। शाम को पूजा स्थल पर चौकी रखकर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं और गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। कलश स्थापना के साथ रोली, अक्षत, फूल, फल, मिठाई और खील-बताशे अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें। व्यापारियों को इस दिन बही-खातों और तिजोरी की पूजा करनी चाहिए, जिससे पूरे वर्ष कारोबार में बरकत बनी रहे।
Diwali 2026: दिवाली पर नारियल का ये खास उपाय बदल सकता है आपकी











