Divya Mishra Murder: ‘सुहागरात पर ही आधे खर्च की बात’, दिव्या हत्याकांड के बाद बहन ने खोले कई राज

Divya Mishra Murder Case में बहन प्रज्ञा मिश्रा ने दिव्या की शादीशुदा जिंदगी से जुड़े कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने बताया कि शादी की पहली रात ही खर्च बांटने की बात हुई थी। साथ ही कथित प्रताड़ना, घरेलू विवाद, CCTV फुटेज और हथियारों को लेकर पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं।

दिव्या हत्याकांड के बाद बहन ने खोले कई राज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 21, 2026

Divya Mishra Murder: लखनऊ में SBI बैंक के फील्ड ऑफिसर द्वारा अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा और अपनी बहन की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद मामले में कई गंभीर बातें सामने आ रही हैं। वारदात के बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली थी। अब दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बहन के साथ कथित तौर पर हुई प्रताड़ना और इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

प्रज्ञा ने बताया कि वह अपनी मां को अब तक दिव्या की मौत की सच्चाई नहीं बता पाई हैं। उन्होंने कहा कि मां को यह बताया गया है कि दिव्या की हालत गंभीर है और उनका इलाज चल रहा है। पोस्टमॉर्टम में देरी के कारण शव को फ्रीजर में रखा गया था। प्रज्ञा ने कहा कि परिवार के लिए इस सच्चाई को स्वीकार करना बेहद मुश्किल है।

Lucknow News: दिव्या की हत्या से पहले क्या हुआ? बहन प्रज्ञा ने पोस्ट में किया

‘मुझे पता था कि दिव्या के साथ क्रूरता होती थी’

प्रज्ञा के मुताबिक, आरोपी ने अपने स्टेटस में उनका नाम लेते हुए दावा किया था कि उन्हें पूरी बात पता थी। प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें यह जानकारी थी कि आरोपी उनकी बहन के साथ कथित तौर पर हिंसक व्यवहार करता था और दिव्या उससे अलग होना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी बातों पर भी दिव्या के साथ मारपीट की जाती थी। प्रज्ञा ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि घर में ऑनलाइन मंगाए गए सामान में कोई खराब चीज निकलने पर भी दिव्या को जिम्मेदार ठहराकर पीटा जाता था।

शादी की शुरुआत से ही खर्च को लेकर बनी थी शर्त

प्रज्ञा ने अपनी बहन के हवाले से दावा किया कि शादी की पहली रात ही आरोपी ने घर के खर्चों को लेकर एक सूची बनाई थी और खर्च का आधा हिस्सा दिव्या से उठाने की बात कही थी। दिव्या ने उस समय इस व्यवस्था को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, प्रज्ञा के मुताबिक, पिछले करीब एक साल से दिव्या ने अपना हिस्सा देना बंद कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि आरोपी इसे धोखे के रूप में देखता था। प्रज्ञा ने कहा कि दिव्या ने उन्हें अपने पति के व्यवहार के बारे में बताया था और वह उससे अलग होना चाहती थी।

परिवार और काउंसलिंग को लेकर भी आरोप

प्रज्ञा का दावा है कि आरोपी और उसकी बहन ने उनकी बीमार मां के साथ भी मारपीट की थी, जिसके बाद उनकी मां की मौत हो गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग के दौरान भी आरोपी की काउंसलर से कथित झड़प हुई थी। प्रज्ञा के अनुसार, तमाम घटनाओं के बावजूद दिव्या के मन में रिश्ते को बचाने की उम्मीद बनी हुई थी। वह तीज का व्रत रखने वाली थीं और उन्होंने अपने पति के नाम का टैटू भी नहीं हटवाया था। परिवार को उम्मीद थी कि शायद हालात सुधर जाएं।

तीन रिवॉल्वर और ऑटो को लेकर उठाए सवाल

प्रज्ञा ने पुलिस जांच पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल के आसपास मिले CCTV फुटेज में वारदात के दौरान बैंक कर्मचारियों को भागते देखा जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि आरोपी के पास तीन रिवॉल्वर कैसे पहुंचीं और उसे हथियार किसने उपलब्ध कराए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी कार चलाना नहीं जानता था। ऐसे में उसके कार से आने-जाने की बात पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वह कथित तौर पर ऑटो से घटनास्थल तक पहुंचा और उसी से वापस गया। प्रज्ञा ने पुलिस से ऑटो चालक की पहचान करने और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संभावित भूमिका की जांच करने की मांग की है।

CCTV फुटेज का हवाला देकर कही ये बात

प्रज्ञा ने बताया कि मामले से जुड़े तीन CCTV फुटेज उनके सामने आए हैं। उनके अनुसार, एक फुटेज में दिव्या घर से निकलती दिखाई देती हैं, जबकि दूसरे में वह कथित तौर पर आरोपी से संघर्ष करती नजर आती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ समय पहले तनाव के कारण दिव्या का सड़क हादसा हुआ था, जिसमें उनके हाथ और पैर में चोट लगी थी। करीब डेढ़ महीने बाद उन्होंने ऑफिस जाना शुरू किया था और घटना वाले दिन भी वह लंगड़ाकर चल रही थीं।

राजनीति से ज्यादा जांच पर जोर देने की अपील

प्रज्ञा ने कहा कि कुछ लोग इस हत्याकांड में राजनीतिक पहलू तलाश रहे हैं, लेकिन फिलहाल जरूरत मामले की सच्चाई सामने लाने की है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचार रखना स्वाभाविक है, लेकिन इस दुखद घटना को लेकर संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने पुलिस से मामले की हर कड़ी की गहराई से जांच करने, CCTV फुटेज और हथियारों के स्रोत की पड़ताल करने तथा किसी संभावित सहयोगी की भूमिका सामने लाने की मांग की है।

Lucknow News: लखनऊ में दारोगा पर हमला पड़ा भारी, अवैध डेयरियों पर नगर