Disha Salian Case : दिशा सालियान केस में CCTV पर नया आरोप, CBI शिकायत के बाद मातोश्री पर नोटिस

दिशा सालियान केस में एक नई शिकायत के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। उनके पिता सतीश सालियान की ओर से CBI को दिए प्रतिनिधित्व में CCTV और DVR से कथित छेड़छाड़ तथा कुछ फुटेज गायब होने की जांच की मांग की गई है। इसी बीच मातोश्री जाकर नोटिस देने की बात सामने आई है।

Disha Salian Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 19, 2026

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Disha Salian Case :  दिशा सालियान की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से उनके अधिवक्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के डिप्टी एसपी को विस्तृत शिकायत दी है। शिकायत में मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और CCTV फुटेज के साथ कथित छेड़छाड़ की जांच की मांग की गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर 2026 में CBI ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।

DVR और CCTV रिकॉर्डिंग में कथित छेड़छाड़ का आरोप

शिकायत में दिशा की इमारत में लगाए गए CCTV सिस्टम के DVR और उससे जुड़े रिकॉर्ड को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि DVR को उचित कानूनी पंचनामा किए बिना तत्कालीन पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद फुटेज को पेन ड्राइव में कॉपी करने और कुछ रिकॉर्डिंग हटाए जाने की आशंका जताई गई है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

जून 2020 की कुछ CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं

CBI को दी गई शिकायत में 11 दिसंबर 2025 की बताई गई एक फोरेंसिक रिपोर्ट का भी उल्लेख है। इसमें दावा किया गया है कि 4 जून से 9 जून 2020 के बीच की कुछ CCTV रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा बैकअप हार्ड डिस्क को कथित तौर पर नष्ट करने या छिपाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने डिजिटल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि फुटेज कब और किस स्तर पर प्रभावित हुई।

परमबीर सिंह के कथित बयान पर भी उठे सवाल

शिकायत में तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के एक कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस बयान का जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 3 अगस्त 2020 को CCTV फुटेज की जांच की जानकारी सामने आई थी, जबकि बैकअप हार्ड डिस्क को आधिकारिक रूप से 6 अगस्त को खोले और सत्यापित किए जाने की बात कही गई थी। इसी कथित समय-अंतर को आधार बनाकर इलेक्ट्रॉनिक सबूतों तक पहुंच और संबंधित प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है।

कथित गवाह X1 के बयान को भी जांच में शामिल करने की मांग

शिकायत के साथ कथित प्रत्यक्षदर्शी ‘X1’ का रिकॉर्डेड बयान भी पेन ड्राइव में दिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस बयान में दिशा सालियान के साथ कथित गंभीर अपराध से संबंधित जानकारी है। हालांकि, इस बयान में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविकता और प्रासंगिकता जांच एजेंसी की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कई लोगों से पूछताछ की मांग

सतीश सालियान की शिकायत में आदित्य ठाकरे, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, समीर वानखेड़े सहित कई लोगों से पूछताछ की मांग की गई है। इसके अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की भूमिका की भी जांच की मांग रखी गई है। शिकायतकर्ता ने मोबाइल लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और संचार से संबंधित संभावित सबूतों को भी जांच के दायरे में शामिल करने का अनुरोध किया है।

वकील को कथित धमकियों का भी शिकायत में उल्लेख

सतीश सालियान ने अपने अधिवक्ता को कथित तौर पर मिल रही धमकियों का मुद्दा भी उठाया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कथित मानहानि तथा उनके वकील को हाईकोर्ट में प्रैक्टिस से रोकने की धमकियों के संबंध में कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है। हाल में आदित्य ठाकरे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजे जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।

CBI जांच से मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी। इसके बाद से मामले में अलग-अलग दावे और जांच की मांगें सामने आती रही हैं। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI द्वारा FIR दर्ज किए जाने से जांच को औपचारिक कानूनी दिशा मिली है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं और उनकी पुष्टि जांच पूरी होने तथा संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

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