Dimple Yadav: राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों और नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में (डिटेन) किए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में लखनऊ के प्रमुख हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार और उग्र प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस के साथ तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
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दिल्ली में मार्च के दौरान सपा सांसदों की गिरफ्तारी
घटना की शुरुआत तब हुई जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस पुलिस कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी के तमाम सांसद एकजुट होकर संसद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने के लिए निकले।
लेकिन दिल्ली पुलिस ने एहतियात और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को रोक दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, प्रिया सरोज, रुचि वीरा, इकरा हसन और सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई प्रमुख सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के तुरंत बाद सपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया और लिखा, “छात्रों पर लाठी और अत्याचार, इसकी जिम्मेदार है भाजपा सरकार।”
लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर फूटा सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
जैसे ही दिल्ली में डिंपल यादव और अन्य सांसदों को डिटेन किए जाने की खबर लखनऊ पहुंची, वैसे ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता लखनऊ के व्यस्त हजरतगंज चौराहे पर जमा हो गए और केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। पुलिस और उग्र कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उनके सांसदों को तुरंत रिहा किया जाए और छात्रों पर अत्याचार बंद हो।
‘यह लोकतंत्र का काला दिवस, पुलिसकर्मियों ने बच्चों को मारा’ – डिंपल यादव
हिरासत में लिए जाने के बाद सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज का दिन देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ‘काला दिवस’ के रूप में दर्ज किया जाएगा।
डिंपल यादव ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “पुलिस की आंखों में भी आज शर्मिंदगी साफ दिख रही थी… कुछ पुलिसकर्मी पूरी तरह से गुंडे बने हुए थे। सादे कपड़ों में यानी बिना वर्दी के कुछ पुलिसवाले आए और उन्होंने मासूम बच्चों को बेरहमी से मारा। बच्चों को करंट तक दिया गया।” उन्होंने आगे कहा कि नियमों के मुताबिक अगर लाठीचार्ज करना भी हो, तो पैरों पर मारा जाता है, लेकिन यहां बच्चों के सीने पर वार किया गया। यह आघात सीधे तौर पर भारत माता के सीने पर किया गया है।
उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए मांग की कि देश के शिक्षा मंत्री को तुरंत उनके पद से हटाया जाए और इस पूरी घटना की नैतिक जिम्मेदारी सरकार ले। उन्होंने कहा कि इतनी अहंकारी, कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास में कभी पहले देखी गई हो। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति को उबाल पर ला दिया है और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा हुआ है।
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