Diljit Dosanjh की फिल्म ‘सतलुज’ OTT से अचानक गायब, लाइव आकर अभिनेता ने खोला बड़ा राज

अभिनेता दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'सतलुज' को रिलीज के महज दो दिन बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 (ZEE5) से अचानक हटा दिया गया है। पंजाब में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष और उग्रवाद के दौर के कड़वे सच पर आधारित इस फिल्म के डिलीट होने पर दिलजीत ने लाइव आकर व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है।

Diljit Dosanjh

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 6, 2026

Diljit Dosanjh: ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर डिजिटल दुनिया में जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया है. इंटरनेट मीडिया और सिनेमाई गलियारों में यह खबर आग की तरह फैल गई है कि इस चर्चित फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 (ZEE5) पर स्ट्रीम होने के महज 48 घंटों के भीतर ही अचानक हटा दिया गया है. इस अप्रत्याशित कदम के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों का गुस्सा भड़क उठा है, जिसके बाद अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने खुद लाइव आकर इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बेबाक प्रतिक्रिया दी है.

दिलजीत दोसांझ का बड़ा बयान

मूवी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जबरन हटाए जाने पर दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा पहले से ही था. उन्होंने लाइव सेशन में कहा, “हमें पता था कि यह फिल्म हटा दी जाएगी, लेकिन हमें उम्मीद थी कि लोग रविवार को इसे अपने परिवार के साथ देख पाएंगे, पर उन्होंने उससे पहले ही इसे डिलीट करवा दिया. हालांकि, अब आपके बैन करने या हटाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इन दो-तीन दिनों में ही लाखों लोगों ने इसे देख लिया है और कई लोगों ने तो इसे डाउनलोड भी कर लिया है. इंटरनेट पर एक बार जो चीज आ जाती है, उसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता.”

शूटिंग के दौरान आई परेशानियां

इस सिनेमाई प्रोजेक्ट को दर्शकों तक पहुंचाने के सफर को याद करते हुए दिलजीत काफी भावुक नजर आए. उन्होंने फिल्म निर्माण के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान टीम को काफी प्रताड़ित और परेशान किया गया. उन्होंने बताया, “हमें सिर्फ 15-15 दिनों के गैप में टुकड़ों में शूटिंग करने की अनुमति दी जाती थी. हम पिछले चार साल से इस ऐतिहासिक विषय को पर्दे पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मैं फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान को सैल्यूट करता हूं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी जिंदगी के कई साल दांव पर लगा दिए.”

जसवंत सिंह खालरा के बलिदान पर चर्चा

दिलजीत दोसांझ ने इस बात पर गहरी तसल्ली जताई कि फिल्म के जरिए आखिरकार नया यूथ और नई पीढ़ी एक बड़े सच से रू-ब-रू हो रही है. उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि आज घर-घर में मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद जसवंत सिंह खालरा जी के सर्वोच्च बलिदान और उनके संघर्षों की चर्चा हो रही है. हमारा मकसद पूरा हो चुका है. मैंने एक वीडियो देखा जहां गुरुद्वारे में हमारी फिल्म दिखाई जा रही है. आप इस आवाज को जितना दबाने की कोशिश करेंगे, यह उतनी ही जोर से गूंजेगी. पंजाब की मिट्टी में ही मोटिवेशन है और मैं हमेशा हंसता रहूंगा.”

व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष

लाइव के दौरान दिलजीत दोसांझ ने राजनीतिक व्यवस्था और नेताओं पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने दुखी मन से कहा कि आज भी हम सालों पुरानी संकीर्ण सोच पर खड़े हैं और कुछ लोगों के अंदर इंसानियत नाम की चीज नहीं बची है. राजनीतिज्ञों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “मैं कभी पॉलिटिशियन नहीं बन सकता. मैं हर इंसान से मोहब्बत करता हूं, जबकि राजनीति तो सिर्फ तभी मुमकिन है जब आप आवाम को डराकर रखेंगे और उनके बीच आपस में नफरत फैलाकर लड़ाइयां करवाते रहेंगे.”

क्या है फिल्म ‘सतलुज’ की असल कहानी?

गौरतलब है कि फिल्म ‘सतलुज’ पंजाब में उग्रवाद (Insurgency) के उस दौर की एक बेहद संवेदनशील और वास्तविक घटना पर आधारित है, जब मानवाधिकारों का कथित तौर पर हनन हुआ था. फिल्म की कहानी एक ऐसे जांबाज एक्टिविस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट ट्रायल के हुई संदिग्ध हत्याओं और लापता लोगों के कड़वे सच को दुनिया के सामने लाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी थी. फिल्म का कंटेंट बेहद मजबूत होने के कारण ही इसे लेकर अब डिजिटल स्पेस में एक नई बहस छिड़ गई है.