E20 Petrol से माइलेज घटा या गाड़ी हुई खराब? गोवा सरकार ने शिकायत के लिए खोला रास्ता

पणजी E20 पेट्रोल को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच गोवा सरकार ने विधानसभा में बड़ा दावा किया है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य में E20 पेट्रोल शुरू होने के बाद अब तक किसी ग्राहक, वाहन मालिक, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन या गैराज की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है. मुख्यमंत्री के पास सिविल सप्लाई और कंज्यूमर अफेयर्स विभाग भी है. उन्होंने कहा कि अगर किसी वाहन मालिक को E20 पेट्रोल से जुड़ी कोई परेशानी है, तो वह सिविल सप्लाई विभाग में शिकायत कर सकता है।  विधानसभा में विधायक वेन्जी वेगास, विजय सरदेसाई और क्रूज सिल्वा ने

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Published On :

सितम्बर 2, 2026

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पणजी

E20 पेट्रोल को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच गोवा सरकार ने विधानसभा में बड़ा दावा किया है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य में E20 पेट्रोल शुरू होने के बाद अब तक किसी ग्राहक, वाहन मालिक, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन या गैराज की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है. मुख्यमंत्री के पास सिविल सप्लाई और कंज्यूमर अफेयर्स विभाग भी है. उन्होंने कहा कि अगर किसी वाहन मालिक को E20 पेट्रोल से जुड़ी कोई परेशानी है, तो वह सिविल सप्लाई विभाग में शिकायत कर सकता है। 

विधानसभा में विधायक वेन्जी वेगास, विजय सरदेसाई और क्रूज सिल्वा ने E20 पेट्रोल का मुद्दा उठाया था. विधायकों ने खास तौर पर 2023 से पहले बने वाहनों को लेकर चिंता जताई. उनका कहना था कि ऐसे वाहनों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से माइलेज कम हो रहा है, परफॉर्मेंस घट रहा और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ रहा है. टैक्सी चालकों और बाइक चलाने वालों पर इसका असर ज्यादा पड़ने की बात भी कही गई. विधायकों ने मांग की कि ग्राहकों को बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल या अनब्लेंडेड पेट्रोल चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए। 

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विधानसभा में कहा कि E20 पेट्रोल केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है और इसे सेंट्रल पॉलिसी के तहत लागू किया गया है. गोवा में भी इस पॉलिसी को 2023 से लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन इसके बावजूद सरकार स्थिति पर नजर रखेगी. मुख्यमंत्री ने सिविल सप्लाई विभाग को स्थिति की जांच, निगरानी और पेट्रोल की टेस्टिंग करने के निर्देश देने की बात कही 

अपने लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि गोवा में E20 पेट्रोल तीन सरकारी तेल कंपनियों के जरिए बेचा जा रहा है. साल 2025 से राज्य के 157 रिटेल आउटलेट्स पर इसकी सप्लाई की जा रही है. सरकार का कहना है कि E20 की सेफ्टी को लेकर अलग-अलग संस्थानों की स्टडी और फील्ड ट्रायल हो चुके हैं. इनमें ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और IIP जैसी संस्थाएं शामिल हैं। 

5 फीसदी तक घट सकता है माइलेज
मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि जिन वाहनों को E10 पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन किया गया है, उनमें माइलेज में कुछ कमी आ सकती है. उनके मुताबिक E10 कम्प्लायंट व्हीकल्स में E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद माइलेज में करीब 3 से 5 फीसदी तक गिरावट आ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वाहन कंपनियां E20 पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

सरकार के मुताबिक देश में 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहन और करीब 3 करोड़ कारें ब्लेंडेड फ्यूल पर चल रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक इंजन फेल होने की ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है, जिसे सीधे ब्लेंडेड पेट्रोल से जोड़ा जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोल में मिलावट और फ्यूल की क्वॉलिटी जांच के लिए हाल के दिनों में देशभर के पेट्रोल पंपों पर 30,000 से ज्यादा क्वालिटी चेक किए गए हैं। 

शिकायत मिलने पर होगी जांच
गोवा सरकार का कहना है कि फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर राज्य में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि अगर वाहन मालिकों या ग्राहकों को माइलेज, परफॉर्मेंस या किसी अन्य तरह की परेशानी महसूस होती है, तो वे सिविल सप्लाई विभाग तक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके बाद मामले की जांच और फ्यूल की टेस्टिंग की जाएगी। 

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