Dhurandhar 2: एएसपी अनुज चौधरी ने धुरंधर-2 को बताया राष्ट्रभक्ति की फिल्म, विरोध करने वालों पर किया तंज

फिल्म 'धुरंधर-2' पर छिड़े विवाद के बीच फिरोजाबाद के ASP अनुज चौधरी ने पुलिसकर्मियों के साथ फिल्म देखी और इसे देशभक्ति की एक बेमिसाल कहानी बताया।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 28, 2026

Dhurandhar 2: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में तैनात एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘धुरंधर-2’ को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। फिल्म में माफिया अतीक अहमद के किरदार को दिखाए जाने पर छिड़े विवाद के बीच, पुलिस अधिकारी ने साफ किया कि यह फिल्म किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद और आतंकवाद के विरुद्ध एक सशक्त संदेश है। शुक्रवार को अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ फिल्म देखने पहुंचे अनुज चौधरी ने इसे हर सच्चे देशभक्त के लिए “मस्ट वॉच” बताया।

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देशभक्ति और बिना वर्दी के नायकों की कहानी

Dhurandhar 2
धुरंधर-2 को बताया राष्ट्रभक्ति की फिल्म

एएसपी अनुज चौधरी ने फिल्म देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘धुरंधर-2’ उन लोगों को समर्पित है जो देश को ही अपना सर्वस्व मानते हैं। उन्होंने इसके मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। अनुज चौधरी के अनुसार, यह फिल्म युवाओं में जिम्मेदारी और देश के प्रति प्रेम की भावना जागृत करती है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उन गुमनाम नायकों (Secret Agents/Patriots) की कहानी है जो बिना वर्दी पहने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाहुति दे देते हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फिल्म में किसी भी समुदाय या धर्म को निशाना नहीं बनाया गया है, बल्कि यह दो देशों के बीच के संघर्ष और अपने देश को बेहतर बनाने के प्रयासों की कहानी है।

अतीक अहमद के किरदार पर विवाद: “अपराधी को अपराधी ही दिखाया जाएगा”

फिल्म में माफिया अतीक अहमद के किरदार और उसके पुलिस कबूलनामे को दिखाए जाने पर कुछ हलकों में विरोध हो रहा है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अनुज चौधरी ने सवाल किया, “क्या अतीक अहमद कोई राष्ट्रभक्त या राष्ट्र प्रेमी था? वह एक प्रमाणित अपराधी और देशद्रोही था। पुलिस जांच और उसके खुद के कबूलनामे में जो सच्चाई सामने आई थी, फिल्म में वही दिखाया गया है। एक अपराधी को इससे बेहतर और क्या दिखाया जा सकता है?”

उन्होंने विरोध करने वालों को नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं, उन्हें अपने विचारों पर मंथन करना चाहिए। उनके अनुसार, यदि कोई फिल्म आतंकवाद और अपराध के काले सच को उजागर करती है, तो उसका विरोध समझ से परे है।

सोशल मीडिया पर संदेश और युवाओं से अपील

अनुज चौधरी ने फिल्म देखने के बाद अपने अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किए। उन्होंने लिखा कि फिल्म देशहित में है और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत प्रहार है। फिल्म यह दिखाती है कि कैसे हमारे जवान और सुरक्षा एजेंसियां देश की बेहतरी के लिए दिन-रात प्रयास करती हैं। एएसपी ने जोर देकर कहा कि यह फिल्म समाज को यह समझने में मदद करेगी कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और अपराधियों का महिमामंडन बंद होना चाहिए।

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