Dhruv Rathee Case : ध्रुव राठी की बढ़ी कानूनी मुश्किलें, 2018 के मानहानि मामले में साकेत कोर्ट का समन

यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ आठ साल पुराने मानहानि मामले में साकेत कोर्ट ने नया समन जारी किया है। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि ‘BJP IT Cell Part II’ वीडियो में उनके खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक दावे किए गए थे। अब 17 अक्टूबर की सुनवाई में क्या होगा, इस पर सबकी नजर है।

Dhruv Rathee Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Dhruv Rathee Case : लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी एक पुराने मानहानि मामले को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दिल्ली की साकेत अदालत ने साल 2018 में दर्ज मामले में उन्हें समन जारी किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होनी है। यह मामला सोशल मीडिया पर प्रकाशित एक वीडियो से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता ने अपने खिलाफ कथित तौर पर गलत और मानहानिकारक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया है।

किसने दर्ज कराया था ध्रुव राठी के खिलाफ मामला?

मामले में शिकायतकर्ता विकास पांडे हैं, जो ‘आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ नाम के सोशल मीडिया पेज के संस्थापक बताए जाते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, ध्रुव राठी ने मई 2018 में ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2’ शीर्षक से एक वीडियो जारी किया था। विकास पांडे का आरोप है कि इस वीडियो में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल का सदस्य बताया गया और उनके बारे में ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें वह गलत और मानहानिकारक मानते हैं। हालांकि, ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं; इनकी सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।

वीडियो में 50 लाख रुपये देने का भी लगाया गया आरोप

विकास पांडे की शिकायत में वीडियो के एक अन्य कथित दावे का भी जिक्र है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो में कहा गया था कि महावीर प्रसाद नाम के एक युवक ने विकास पांडे के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी खबरें फैलाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में यह भी आरोप है कि उस शिकायत को वापस करवाने के लिए विकास पांडे ने महावीर प्रसाद को 50 लाख रुपये दिए थे। विकास पांडे ने इन कथित बयानों को अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। मामले में लगाए गए आरोपों और उनके समर्थन में पेश किए गए तथ्यों पर अदालत की कार्यवाही के दौरान विचार किया जाएगा।

17 अक्टूबर को अगली सुनवाई

साकेत अदालत की ओर से जारी समन के बाद अब इस मामले में 17 अक्टूबर की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुराने वीडियो को लेकर उठे विवाद में आगे क्या कानूनी कदम सामने आते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले के अंतिम नतीजे या अदालत की ओर से आरोपों पर किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की जा सकती।

ध्रुव राठी को हिरासत में लेने का मामला

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में ध्रुव राठी को दिल्ली में प्रस्तावित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन से पहले गुरुग्राम स्थित उनके घर से पुलिस अपने साथ ले गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वह करीब 20 से 22 घंटे बाद उसी रात रिहा हुए। पुलिस की ओर से बताया गया कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था, इसलिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की जरूरत नहीं पड़ी।

जंतर-मंतर जाने पर दोबारा कार्रवाई की चेतावनी

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यदि ध्रुव राठी भविष्य में प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए दोबारा जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह पुलिस अधिकारी का कथित बयान है। पुराने मानहानि मामले में समन और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम दो अलग-अलग कानूनी प्रसंग हैं। दोनों मामलों में आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

Read More  :  UP News: वाराणसी में योगी का बड़ा संदेश, धर्म और राष्ट्ररक्षा पर कही ये बात

2