Dhanteras 2026: धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं? 12 राशियों के अनुसार जानें शुभ सामग्री

सनातन संस्कृति में धनतेरस (धनत्रयोदशी) से पांच दिवसीय दीपोत्सव महापर्व की पावन शुरुआत होती है। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाने वाला यह पर्व भौतिक सुख-समृद्धि के साथ-साथ आरोग्य और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी माता लक्ष्मी और कुबेर महाराज की कृपा व आशीर्वाद प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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Dhanteras 2026: पांच दिवसीय दीपोत्सव का पर्व अत्यंत उल्लास, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस पावन महापर्व की शुरुआत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से होती है, जिसे हम धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जानते हैं। यह पर्व न केवल भौतिक सुख-सुविधाओं और समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह आरोग्य और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर महाराज की कृपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा दिन माना जाता है।

ऐसी धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन अगर विधि-विधान से पूजा की जाए और अपनी राशि के अनुसार सही वस्तुओं की खरीदारी की जाए, तो घर में सालभर सुख, शांति, वैभव और धन-धान्य का वास रहता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वर्ष 2026 में धनतेरस कब मनाई जाएगी, पूजा का सटीक मुहूर्त क्या है और 12 राशियों के जातकों को इस शुभ अवसर पर किन चीजों की खरीदारी करना शुभ रहेगा।

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धनतेरस की सही तारीख

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धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं?

आपको बता दें कि इस साल त्रयोदशी तिथि का आरंभ 6 नवंबर की सुबह 10 बजकर 31 मिनट से हो रहा है, और इसका समापन 7 नवंबर की सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर हो जाएगा। उदय तिथि और प्रदोष काल (संध्या के समय) में त्रयोदशी तिथि की उपस्थिति के आधार पर, इस वर्ष धनतेरस का पवित्र पर्व 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व होता है, जो इस दिन को और अधिक फलदायी बनाता है।

धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त

धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए शाम का समय सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा दिन में खरीदारी के लिए अभिजीत मुहूर्त भी बेहद खास होता है। धनतेरस पर माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। पूजा का कुल मुहूर्त 1 घंटा 56 मिनट का रहेगा। इस समयावधि में स्थिरता लग्न (वृषभ लग्न के आसपास का समय) में दीप प्रज्वलित करने और पूजन करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।

खरीदारी का शुभ मुहूर्त

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धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं?

बता दें कि धनतेरस के दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। जो लोग दिन के समय बाजार जाकर सोना, चांदी, बर्तन या अन्य सामान खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह मुहूर्त अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। इसके अलावा दिनभर में किसी भी समय आप खरीदारी कर सकते हैं।

धनतेरस पर खरीदारी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

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धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं?

धार्मिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन ही भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। चूंकि वे आयुर्वेद के जनक हैं, इसलिए इस दिन आरोग्य की कामना के लिए उनकी पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन नई वस्तुएं, बर्तन, आभूषण और झाड़ू खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

ऐसी लोक मान्यता है कि धनतेरस के दिन जो भी वस्तु खरीदी जाती है, उसमें तेरह गुना वृद्धि होती है। यही कारण है कि लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस दिन अन्न, धन, वस्त्र, वाहन या धातु की वस्तुएं जरूर खरीदते हैं।

12 राशियों के अनुसार जानें, धनतेरस 2026 पर क्या खरीदें?

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धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि व्यक्ति अपनी राशि के स्वामी ग्रह और उसकी प्रकृति के अनुसार धनतेरस पर खरीदारी करे, तो उसका कई गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होता है। आइए सभी 12 राशियों के लिए खरीदारी के अचूक उपायों को विस्तार से समझें:

1. मेष राशि

स्वामी ग्रह: मंगल

शुभ खरीदारी: मेष राशि के जातकों का स्वामी मंगल है, जो अग्नि और धातु का प्रतिनिधित्व करता है। इस धनतेरस पर आपके लिए चांदी के बर्तन खरीदना सबसे शुभ रहेगा। यदि चांदी खरीदना संभव न हो, तो आप तांबे के बर्तन, लाल रंग की उपयोगी वस्तुएं या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीद सकते हैं। इससे आपके जीवन में ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी।

2. वृषभ राशि

स्वामी ग्रह: शुक्र

शुभ खरीदारी: वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं, जो वैभव, ऐश्वर्य और विलासिता के कारक हैं। इस राशि के जातकों को धनतेरस के पावन अवसर पर चांदी, हीरा, सफेद रंग की वस्तुएं या वाहन खरीदना चाहिए। सफेद वस्त्र या सौंदर्य से जुड़ी वस्तुएं भी आपके लिए बहुत भाग्यशाली साबित होंगी।

3. मिथुन राशि

स्वामी ग्रह: बुध

शुभ खरीदारी: मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जो बुद्धि और व्यापार के प्रतीक हैं। आपको इस धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, भूमि, घर जैसी प्रॉपर्टी या कम बजट वाले सुंदर फर्नीचर का सामान खरीदना चाहिए। इसके अलावा अध्ययन या कार्यालय से जुड़ी वस्तुएं खरीदना भी आपके लिए उन्नति के द्वार खोलेगा।

4. कर्क राशि

स्वामी ग्रह: चंद्रमा

शुभ खरीदारी: कर्क राशि का स्वामित्व चंद्रमा के पास है, जो मन और भावनाओं के कारक हैं। इस धनतेरस पर आपको माता लक्ष्मी का श्रीयंत्र जरूर खरीदना चाहिए। श्रीयंत्र की स्थापना से सालभर आपके ऊपर मां लक्ष्मी की असीम कृपा बनी रहेगी। इसके अलावा घर में उपयोग होने वाली उपयोगी वस्तुएं, चांदी का चौकोर टुकड़ा या मोती भी खरीद सकते हैं।

5. सिंह राशि

स्वामी ग्रह: सूर्य

शुभ खरीदारी: सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जो तेज, मान-सम्मान और अधिकार के प्रतीक हैं। इस राशि के जातकों के लिए जमीन, फ्लैट, सोना, चांदी, तांबे के बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री खरीदना बेहद शुभ रहेगा। यदि आप सोना खरीदने में असमर्थ हैं, तो शुद्ध तांबे की वस्तुएं अवश्य घर लाएं, जो आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी।

6. कन्या राशि

स्वामी ग्रह: बुध

शुभ खरीदारी: कन्या राशि के जातकों के स्वामी भी बुध हैं। इस धनतेरस के दिन आपको कांसे (Bronze) से निर्मित बर्तन खरीदने चाहिए, जिससे घर में बरकत बनी रहे। इसके अलावा गणेश-लक्ष्मी के चित्र वाले सिक्के या सजावट की कलात्मक वस्तुएं भी खरीदना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

7. तुला राशि

स्वामी ग्रह: शुक्र

शुभ खरीदारी: तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि के जातकों को धनतेरस के दिन पूजन, श्रृंगार और साज-सज्जा की वस्तुएं खरीदनी चाहिए। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनके श्रृंगार से जुड़ा सामान, इत्र, सुगंधित धूप या चांदी की कोई कलात्मक वस्तु खरीदना अत्यंत शुभ फल प्रदान करेगा।

8. वृश्चिक राशि

स्वामी ग्रह: मंगल

शुभ खरीदारी: वृश्चिक राशि का स्वामित्व मंगल ग्रह के पास है। आप इस धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, मिट्टी के बर्तन, तांबे के बर्तन और लोहे से बनी उपयोगी वस्तुएं खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मां लक्ष्मी के पूजन के लिए चांदी के सिक्के खरीदना आपके वित्तीय मामलों में मजबूती लाएगा और विघ्न बाधाओं को दूर करेगा।

9. धनु राशि

स्वामी ग्रह: बृहस्पति (गुरु)

शुभ खरीदारी: धनु राशि के स्वामी गुरु हैं, जो ज्ञान और भाग्य के देवता हैं। इस राशि के जातकों को धनतेरस के दिन हल्दी की गांठ, पीतल से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति और झाड़ू जरूर खरीदनी चाहिए। पीतल की वस्तुएं खरीदने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है।

10. मकर राशि

स्वामी ग्रह: शनि

शुभ खरीदारी: मकर राशि के स्वामी न्याय के देवता शनि हैं। आपके लिए धनतेरस के दिन चांदी से निर्मित सिक्के, झाड़ू और गोमती चक्र खरीदना सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा रसोई के लिए स्टील या पीतल के बर्तन भी ले सकते हैं, जो आपके जीवन में स्थिरता और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेंगे।

11. कुंभ राशि

स्वामी ग्रह: शनि

शुभ खरीदारी: कुंभ राशि के स्वामी भी शनि महाराज ही हैं। इस राशि के जातकों को धनतेरस के अवसर पर चांदी और स्टील से निर्मित बर्तन, नया वाहन, या आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल) खरीदने चाहिए। नई तकनीक और धातुएं आपके करियर में तरक्की के नए मार्ग प्रशस्त करेंगी।

12. मीन राशि

स्वामी ग्रह: बृहस्पति (गुरु)

शुभ खरीदारी: मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस धनतेरस पर आपको चांदी के बर्तन, चांदी के सिक्के और पीतल के बर्तन खरीदने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इन वस्तुओं की खरीदारी से सालभर माता लक्ष्मी की दया दृष्टि आपके परिवार पर बनी रहेगी और आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलेगी।

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धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं?

धनतेरस पर बरती जाने वाली कुछ विशेष सावधानियां

लोहे की खरीदारी पर ध्यान दें: हालांकि राहु-केतु या शनि के प्रभाव के कारण कुछ लोग लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचते हैं, लेकिन यदि आप लोहे के बर्तन या औजार खरीदना चाहें तो उसे पूजा घर में न रखकर सीधे उपयोग में ला सकते हैं। फिर भी, पारंपरिक रूप से पीतल, तांबा, चांदी या सोना खरीदना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।

झाड़ू का महत्व: धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इसे माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि नई झाड़ू घर लाने से दरिद्रता दूर होती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

यम के नाम का दीपदान: धनतेरस की शाम को प्रदोष काल में घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम का चौमुखी दीपक अवश्य जलाना चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु के भय से रक्षा होती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।

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