
Dhanteras 2026: धनतेरस के पावन अवसर पर सोना और चांदी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन लोग आभूषणों के साथ-साथ सोने और चांदी के सिक्के भी बड़े पैमाने पर खरीदते हैं। चूंकि सिक्के आकार में छोटे होते हैं, इसलिए इनकी शुद्धता और असली-नकली की पहचान करना कई बार आम खरीदार के लिए मुश्किल हो जाता है। बाजार में विभिन्न वजन और डिजाइन के सिक्के उपलब्ध होते हैं, जिनकी चमक और आकर्षक पैकिंग देखकर अक्सर लोग धोखा खा जाते हैं। यदि आप भी इस धनतेरस निवेश या परंपरा के तहत सिक्के खरीदने जा रही हैं, तो केवल चमक पर भरोसा न करें। आइए जानते हैं कुछ ऐसे महत्वपूर्ण तरीके, जिनकी मदद से आप असली और नकली सिक्कों में आसानी से फर्क कर सकती हैं।
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बीआईएस (BIS) हॉलमार्क और शुद्धता की जांच

सोना या चांदी का सिक्का खरीदते समय सबसे पहले उस पर दिए गए हॉलमार्क और शुद्धता के चिह्नों को देखना चाहिए। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क धातु की शुद्धता की आधिकारिक गारंटी देता है।
सोने के सिक्के: इन पर आमतौर पर 24 कैरेट या ‘999’ लिखा होता है, जिसका अर्थ है कि सोना 99.9% शुद्ध है।
चांदी के सिक्के: इन पर ‘999’ या ‘999.9’ फाइननेस का मार्क होता है।
हालांकि, केवल हॉलमार्क देखकर ही संतुष्ट न हों, क्योंकि नकली मुहरें भी बनाई जा सकती हैं। हमेशा ज्वैलर से इसका आधिकारिक प्रमाण पत्र और शुद्धता का विवरण जरूर मांगें।
हमेशा रजिस्टर्ड और प्रतिष्ठित ज्वैलर्स से ही खरीदारी करें

धनतेरस के समय कई अस्थायी दुकानें, बिना पंजीकरण वाले व्यापारी और लुभावने विज्ञापनों वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में हमेशा BIS-पंजीकृत और प्रतिष्ठित ज्वैलर्स से ही खरीदारी करना सुरक्षित रहता है।
पक्का बिल लें: खरीदारी के समय दुकानदार से हमेशा पक्का जीएसटी बिल लें।
बिल की जानकारी: बिल में सिक्के का सटीक वजन, शुद्धता (कैरेट/फाइननेस), धातु का उस दिन का बाजार भाव, मेकिंग चार्ज और ज्वैलर का नाम-पता स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए। यह बिल भविष्य में सिक्का बेचने या किसी विवाद की स्थिति में आपके लिए सबसे बड़ा प्रमाण बनता है।
वजन और सीलबंद पैकिंग की बारीकी से जांच करें
सिक्का खरीदते समय उसके वजन को कांटे पर तौलकर बिल के वजन से जरूर मिलाएं।
पैकिंग: यदि सिक्का सीलबंद (Blister Pack) पैकिंग में है, तो उसकी सील और पैकिंग की स्थिति की अच्छी तरह जांच करें। यदि पैकिंग खुली हुई, कटी-फटी या क्षतिग्रस्त है, तो उस सिक्के को लेने से बचें और दुकानदार से नया सिक्का मांगें।
धोखाधड़ी से बचें: यह हमेशा याद रखें कि सिक्के का खूबसूरत डिजाइन, पॉलिश या उसकी तेज चमक उसकी असलियत का पक्का सबूत नहीं होती है। नकली धातुएं भी बहुत आकर्षक फिनिशिंग के साथ बेची जा सकती हैं।
टेस्टिंग लैब से कराएं शुद्धता की जांच और सस्ते के चक्कर में न आएं

यदि आपको किसी सिक्के की शुद्धता को लेकर थोड़ा भी संदेह है, तो उसे किसी अधिकृत टेस्टिंग लैब या हॉलमार्किंग सेंटर से चेक करवा सकती हैं। सोने की शुद्धता परखने के लिए एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF) जैसी वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
घरेलू तरीकों से बचें: लोग अक्सर घर पर चुंबक, आवाज या रंग से जुड़े शुरुआती टेस्ट करते हैं, लेकिन इनसे धातु की पूर्ण और सटीक पुष्टि नहीं होती।
सस्ते दामों से सावधान: यदि कोई विक्रेता बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर सोना या चांदी का सिक्का देने का दावा करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। धातु की असली कीमत उसके वजन और उस दिन के आधिकारिक बुलियन रेट पर ही आधारित होती है।
धनतेरस पर सिक्का खरीदते समय जल्दबाजी न करें। हॉलमार्क, वजन, पक्का बिल और भरोसेमंद दुकानदार की विश्वसनीयता की सही जांच ही आपको किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा सकती है। सही सावधानी और समझदारी के साथ की गई खरीदारी आपके धनतेरस के निवेश को सुरक्षित और मंगलकारी बनाएगी।
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