
Uttarakhand News: उत्तराखंड में सीवर और पेयजल पाइपलाइन से जुड़े अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने एक नवंबर तक लंबित कार्य पूरे करने की समयसीमा तय की थी। इसके साथ ही पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई से खराब हुई सड़कों की मरम्मत कराने को भी कहा गया था।
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सीवर और पेयजल पाइपलाइन के कामों में तेजी लाने के निर्देश
सीवर और पेयजल परियोजनाएं आम लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। इन कार्यों के अधूरे रहने से स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करना विभागों की जिम्मेदारी होगी।
खुदाई से क्षतिग्रस्त सड़कों की भी करानी होगी मरम्मत

पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों की खुदाई होने से कई जगह आवागमन प्रभावित हो सकता है। सड़कें खराब होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को दिक्कतें होती हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए थे, ताकि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।
एक नवंबर की समयसीमा पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, सीवर और पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य एक नवंबर तक पूरे किए जाने थे। इसके साथ ही खुदाई से खराब हुई सड़कों को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया था। इन निर्देशों का उद्देश्य विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना और आम लोगों को होने वाली असुविधा कम करना है। हालांकि, सभी परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और तय समयसीमा के भीतर काम पूरा होने की पुष्टि के लिए संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी जरूरी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित कार्यों को किस हद तक पूरा किया गया है और सड़क मरम्मत का काम कहां तक पहुंचा है।
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