विकसित भारत-जी-राम-जी’ से गांवों में आएगी रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई क्रान्ति : मंत्री उइके

भोपाल. लोक स्वास्थ्य यात्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने सूर्या भवन एनटीपीसी विन्ध्यनगर में केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नवीन योजना विकसित भारत- जीरामजी योजना से ग्रामीण जीवन मे आने वाले क्रांतिकारी बदलावों के संबंध में मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विकसित भारत- ’’जीरामजी योजना केवल रोजग़ार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है।

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Published On :

जनवरी 10, 2026

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भोपाल.
लोक स्वास्थ्य यात्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने सूर्या भवन एनटीपीसी विन्ध्यनगर में केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नवीन योजना विकसित भारत- जीरामजी योजना से ग्रामीण जीवन मे आने वाले क्रांतिकारी बदलावों के संबंध में मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विकसित भारत- ’’जीरामजी योजना केवल रोजग़ार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक वस्तुतः भारत के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं।

मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस योजना से आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास ही हमेशा से प्राथमिकता पर रहा है विकसित गाँव के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनों की कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना और राज्यों के सहयोग से इस योजना का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करने का अधिकार देना और ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाना भी इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि योजना अंतर्गत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर बने और देश के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम उपस्थित रहे।

 

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