Delimitation Bill: स्टालिन की बैठक में DMK का रुख साफ, सांसदों को कांग्रेस से दूरी की सलाह

परिसीमन विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक के बाद डीएमके का रुख और स्पष्ट नजर आया। पार्टी ने अपने सांसदों को कांग्रेस से राजनीतिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। इस फैसले ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

Delimitation Bill

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 17, 2026

Delimitation Bill: संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी के सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें राज्य के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को संसद के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाने का निर्णय लिया गया। स्टालिन ने स्पष्ट किया कि पार्टी का हर सांसद तमिलनाडु के लोगों की आवाज और जमीर बनकर काम करेगा। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले कानूनों की समीक्षा पार्टी राज्य की स्वायत्तता और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर करेगी।

परिसीमन बिल और महिलाओं के आरक्षण पर DMK का विरोध

DMK ने परिसीमन बिल को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आबादी पर आधारित परिसीमन बिल का मौजूदा स्वरूप में कड़ा विरोध जारी रहेगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार के समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं। साथ ही, महिला आरक्षण से संबंधित पहलुओं पर भी पार्टी गहन मंथन कर रही है। DMK नए बिल का इंतजार करेगी और उसमें दी गई सिफारिशों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद ही आगे की नीति निर्धारित करेगी। यह रुख दर्शाता है कि पार्टी अपनी क्षेत्रीय चिंताओं और राज्य के हितों को सर्वोपरि मान रही है।

कावेरी जल विवाद और मेकेदाटु बांध का कड़ा विरोध

बैठक में पारित एक अन्य प्रस्ताव में कर्नाटक सरकार की आलोचना करते हुए उस पर कावेरी जल विवाद में तमिलनाडु के हिस्से का पानी न छोड़ने का आरोप लगाया गया। DMK का कहना है कि कर्नाटक के इस व्यवहार के कारण मेट्टूर बांध खोलने में अत्यधिक देरी हुई, जिससे राज्य के किसानों को भीषण संकट का सामना करना पड़ा। पार्टी ने कावेरी नदी पर प्रस्तावित ‘मेकेदाटु बांध’ परियोजना के विरोध को भी दोहराया है। DMK ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस पुराने विवाद को सुलझाने के लिए एक निष्पक्ष न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) का तत्काल गठन किया जाए, ताकि तमिलनाडु के किसानों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

कांग्रेस से दूरी और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव

इस बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला पहलू कांग्रेस पार्टी से जुड़ी हिदायत रही। सूत्रों के अनुसार, स्टालिन ने कांग्रेस के “दोहरेपन” पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सत्ता के लालच में कांग्रेस ने DMK के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने अपने सभी सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब वे कांग्रेस पार्टी से दूरी बनाए रखें। स्टालिन के इस रुख ने साफ कर दिया है कि भविष्य के राजनीतिक समीकरणों में DMK और कांग्रेस के बीच की दूरियां काफी बढ़ गई हैं। यह घोषणा आगामी समय में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर बड़े राजनीतिक बदलावों के संकेत दे रही है।

Read More : Anupam Kher Post: अयोध्या से लौटते ही अनुपम खेर हुए भावुक, कहा- ‘मेरा एक हिस्सा वहीं रह गया!’