Delhi News: मंगलवार की सुबह रूपनगर स्थित मदर डेयरी के पास ब्लॉक नंबर तीन में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नाले के ऊपर बना एक लोहे का पैदल पार पथ (Pedestrian Bridge) अचानक भरभराकर गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पुल काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। जिस समय यह ढांचा गिरा, उस पर एक महिला मौजूद थी, जो सीधे गहरे नाले में जा गिरी। दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन को तुरंत इस हादसे की सूचना दी गई।
अग्निशमन विभाग और आपातकालीन सूचना
बताते चले कि, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सुबह लगभग 9:30 बजे पुल टूटने की खबर प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए। प्राथमिकता नाले में गिरी महिला को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। हालांकि, गिरने के वेग और नाले की स्थिति के कारण महिला को समय रहते बचाना मुश्किल हो गया और बाद में उसकी मृत्यु की पुष्टि की गई।
NDRF और बचाव दलों का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली पुलिस और बॉट क्लब की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कमान संभाली। बचाव दलों ने नाले के भीतर गहन तलाशी अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद महिला का शव बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अन्य अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। रेस्क्यू टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं मलबे के नीचे या नाले के बहाव में कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं फंसा है।
बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति और प्रशासन की भूमिका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह लोहे का जर्जर पुल लंबे समय से खतरनाक स्थिति में था। घटनास्थल की शुरुआती तस्वीरों से भी पुल की खस्ताहाली साफ नजर आ रही है। दिल्ली में हाल के दिनों में गड्ढों और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण हुई मौतों ने नागरिकों के बीच दहशत पैदा कर दी है। प्रशासन ने अब इस मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हादसे के लिए कौन सी एजेंसी जिम्मेदार है और पुल की मरम्मत में लापरवाही क्यों बरती गई।
स्थानीय निवासियों में रोष और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के जर्जर सार्वजनिक निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। रूपनगर के लोगों में इस हादसे को लेकर भारी गुस्सा है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के सही कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही लग पाएगा।









