Delhi Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था की इसी बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए देश की राजधानी के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (Connaught Place) को लेकर एक बड़ा सुरक्षात्मक फैसला लिया गया है। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी करते हुए कनॉट प्लेस क्षेत्र के सभी ऑफिसों, दुकानों और रेस्तरां को आज शाम 6:30 बजे तक पूरी तरह से बंद करने की अपील की है।
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नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) की सख्त एडवाइजरी
व्यापारिक संगठन एनडीटीए (NDTA) की ओर से जारी इस आधिकारिक अपील में कहा गया है कि यह निर्देश नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के शीर्ष अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।
एसोसिएशन ने अपने आदेश में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कही हैं:
एनडीएमसी के निर्देश: एनडीएमसी (NDMC) के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा फोन पर दी गई सख्त गाइडलाइंस के मुताबिक, कनॉट प्लेस में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। इसी के मद्देनजर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को 23 जुलाई 2026 की शाम 6:30 बजे तक बंद करने की सख्त सलाह दी गई है।
सुरक्षा और जन-धन की रक्षा: सभी दुकान मालिकों, ऑफिस संचालकों और रेस्तरां मालिकों से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे इस निर्देश का शत-प्रतिशत पालन करें। यह कदम किसी भी संभावित हिंसक या अप्रिय स्थिति से बचने, जन-धन की भारी हानि को रोकने और आम नागरिकों व कर्मचारियों को चोट जैसी घटनाओं से सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के संकेत
इसी बीच, पिछले 25 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और आंदोलनकारी सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के सकारात्मक संकेत दिए हैं। वांगचुक के इस बदले रुख से प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है, हालांकि उनकी ओर से कुछ नई शर्तें रखी गई हैं।
वांगचुक ने आंदोलन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा
कार्रवाई न करने का आश्वासन: वे अपना अनशन तत्काल खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते केंद्र सरकार एक स्पष्ट और आधिकारिक आश्वासन दे कि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल किसी भी युवा या छात्र के खिलाफ कोई दंडात्मक, कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई (एफआईआर आदि) नहीं की जाएगी।
मांगों की सूची में बदलाव: दिलचस्प बात यह है कि छात्र संगठनों की शुरुआती सबसे प्रमुख मांग यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, अब वांगचुक की अनशन समाप्त करने की प्राथमिक शर्तों की सूची से बाहर हो चुका है। हालांकि, दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभी भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर मजबूती से अड़ी हुई है।
सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को CJP ने फिर ठुकराया
दिल्ली में जारी इस भारी गतिरोध और तनाव को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से बातचीत और संवाद की एक बड़ी पहल की गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस संबंध में सरकार का पक्ष रखते हुए मीडिया को जानकारी दी।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जारी इस रार के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
सरकार के 4 प्रस्ताव: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार इस मुद्दे का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए अब तक आंदोलनकारी संगठनों को बातचीत के चार अलग-अलग लिखित प्रस्ताव भेज चुकी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों और प्रदर्शनकारियों की सुविधा के अनुसार किसी भी स्थान और किसी भी समय टेबल पर बैठकर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
CJP का इनकार: समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के मुताबिक, केंद्र सरकार ने गतिरोध तोड़ने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अगले दौर की वार्ता के लिए एक नया और विशेष प्रस्ताव भेजा था। लेकिन संगठन ने सरकार के इस रुख को नाकाफी बताते हुए उनके नए प्रस्ताव को भी सिरे से ठुकरा दिया है, जिससे टकराव टलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
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