Delhi Protest: दिल्ली में प्रदर्शन पर सख्ती, केजरीवाल से ममता बनर्जी तक हिरासत की खबर

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खबरों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, सांसद संजय सिंह और नेताओं सौरभ भारद्वाज व दुर्गेश पाठक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई से दिल्ली की राजनीति में तनाव बढ़ गया है।

Delhi Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 10, 2026

Delhi Protest: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके अलावा पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।

प्रदर्शन स्थल पहुंचने से पहले केजरीवाल पुलिस हिरासत में

प्रदर्शन स्थल पहुंचने से पहले केजरीवाल पुलिस हिरासत में

जानकारी के मुताबिक, AAP के कई नेता कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल अपने आवास से निकलने के कुछ समय बाद ही हिरासत में ले लिए गए। वह प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुंच पाए।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान AAP समर्थकों से खींचतान

अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने के दौरान AAP समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच खींचतान होने की भी जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर सबकी नजर है। AAP नेताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, हिरासत में लिए गए नेताओं को किस आधार पर और कितनी अवधि के लिए हिरासत में रखा गया, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट होगी।

ममता बनर्जी भी हिरासत में, TMC नेताओं को लेकर दावा

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार को उन्हें दिल्ली स्थित उनके आवास के बाहर हिरासत में लिया गया।

पूर्व सांसद साकेत गोखले ने दावा किया कि ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के पांच अन्य नेताओं को भी दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने हिरासत में लिया है। इस घटनाक्रम ने दिल्ली में जारी राजनीतिक विरोध को और चर्चा में ला दिया है। हिरासत की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक विवरण का इंतजार रहेगा।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके समेत तीन लोग विमान से हिरासत में

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके समेत तीन लोग विमान से हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। बताया गया है कि दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया। CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। इस प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों के कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग, ड्रोन से निगरानी

जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग, ड्रोन से निगरानी

दिल्ली में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय के आसपास ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की खबर है। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी और पुलिस की कार्रवाई के चलते राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर क्यों हो रहा प्रदर्शन?

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। CJP और प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे कुछ राजनीतिक नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शन का उद्देश्य इन मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना बताया गया है। फिलहाल दिल्ली में हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति, प्रदर्शन की आगे की दिशा और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। घटनाक्रम से जुड़े आरोपों और दावों की पुष्टि के लिए पुलिस तथा संबंधित राजनीतिक दलों के आधिकारिक बयान भी जरूरी हैं।