Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में हवा में सुधार, GRAP 4 पाबंदियां हटाईं गईं

दिल्ली-एनसीआर में तीन दिनों तक लागू रहे ग्रैप 4 के कड़े प्रतिबंधों को प्रशासन ने वापस ले लिया है। हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण का स्तर 450 के नीचे आ गया है। निर्माण कार्यों और भारी वाहनों पर लगी रोक तो हटा ली गई है, लेकिन क्या ग्रैप 3 की पाबंदियां पर्याप्त होंगी?

Delhi Pollution

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 20, 2026

Delhi Pollution: दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण की पाबंदियों को हटा दिया गया है। हालांकि, GRAP के पहले, दूसरे और तीसरे चरण की पाबंदियां अब भी लागू रहेंगी। यह निर्णय मंगलवार को दिल्ली में दर्ज किए गए औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 के आधार पर लिया गया।सीएक्यूएम ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि GRAP के चौथे चरण की पाबंदियां समाप्त कर दी गई हैं, लेकिन पहले, दूसरे और तीसरे चरण के उपाय प्रभावी रहेंगे। आम जनता से आग्रह किया गया है कि वे इन चरणों के तहत लागू नियमों और पाबंदियों का पूरी तरह पालन करें, ताकि AQI फिर से खराब न हो।

GRAP 4 कब लागू हुआ था और कारण

एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सब-कमेटी ने 17 जनवरी को GRAP के चौथे चरण को लागू किया था। उस समय दिल्ली का औसत AQI तेजी से बढ़ रहा था और प्रदूषण का स्तर अत्यधिक चिंता का विषय बन गया था। GRAP 4 के तहत वाहनों, निर्माण गतिविधियों और इंडस्ट्रीज से जुड़े कड़े नियंत्रण और पाबंदियां लागू की गई थीं।

AQI में सुधार के संकेत

वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद रोजाना AQI में गिरावट देखने को मिली। 18 जनवरी को AQI 440 दर्ज किया गया था, जो 19 जनवरी को 410 पर आ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 20 जनवरी को AQI और सुधार कर 378 दर्ज किया गया। यह लगातार सुधार GRAP 4 की पाबंदियों को हटाने का मुख्य आधार बना।विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार मौसम की परिस्थितियों और मौजूदा प्रदूषण नियंत्रण उपायों का सकारात्मक परिणाम है। इसके साथ ही जनता के जागरूक सहयोग ने भी वायु गुणवत्ता में सुधार में योगदान दिया है।

GRAP के अन्य चरण लागू रहेंगे

GRAP के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के तहत लागू उपायों को पूरी तरह से जारी रखा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि AQI को नियंत्रित किया जा सके और हवा की गुणवत्ता स्थिर बनी रहे। संबंधित एजेंसियां नियमित निगरानी और समीक्षा करेंगी।इन चरणों में उद्योगों और वाहनों पर नियंत्रण, निर्माण कार्यों की निगरानी, और अन्य प्रदूषण-रोधी उपाय शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि GRAP के चौथे चरण को भविष्य में फिर से लागू करने की आवश्यकता न पड़े।

लगातार निगरानी और भविष्य की योजना

एनसीआर की सभी एजेंसियां वायु गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखेंगी। सब-कमेटी हवा की स्थिति, मौसम की भविष्यवाणी (IMD/IITM के डेटा के आधार पर) और AQI के पूर्वानुमान की समीक्षा करेगी। इस डेटा के आधार पर भविष्य में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।विशेषज्ञों का कहना है कि जनता का सहयोग और प्रशासनिक कदम मिलकर ही वायु गुणवत्ता को बनाए रख सकते हैं। समय-समय पर उपायों की समीक्षा के साथ, दिल्ली-एनसीआर में GRAP के चरणों को सही ढंग से लागू करना जरूरी होगा।

जनता को सतर्क रहने की जरूरत

सरकार और एजेंसियों की चेतावनी के अनुसार, नागरिकों से अनुरोध है कि वे GRAP के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के नियमों का पालन करें। मास्क पहनना, वाहनों का सीमित उपयोग, और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचना आवश्यक है। इससे AQI स्थिर रहेगा और GRAP 4 जैसी कड़ी पाबंदियों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।इस सुधार के बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव आम है, इसलिए सतत जागरूकता और निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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