Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। हवा की दिशा और गति में मामूली बदलाव के बावजूद प्रदूषण से राहत नहीं मिल पा रही है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार रविवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 297 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी की दहलीज पर है।
Delhi Pollution: देश के टॉप प्रदूषित शहरों में दिल्ली नंबर-1, धुंध और स्मॉग ने बढ़ाई मुश्किलें
प्रदूषण की मौजूदा स्थिति

पिछले कुछ दिनों में दिल्ली का AQI लगातार उतार-चढ़ाव के साथ दर्ज किया गया है। हवा की गति में थोड़ी वृद्धि से कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। लेकिन समग्र रूप से हवा की गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब बनी हुई है। लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो रहा है और स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है।
सीपीसीबी के आंकड़े
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में AQI 300 के पार चला गया है। यह स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
प्रमुख इलाकों का AQI
अलीपुर: 309
आनंद विहार: 350
अशोक विहार: 332
आया नगर: 228
बवाना: 276
बुराड़ी: 268
चांदनी चौक: 356
अन्य इलाकों का हाल
डीटीयू: 337
द्वारका सेक्टर-8: 294
आईजीआई एयरपोर्ट टी3: 180
आईटीओ: 309
जहांगीरपुरी: 360
लोधी रोड: 218
मुंडका: 327
नजफगढ़: 224
नरेला: 334
पंजाबी बाग: 327
आरकेपुरम: 321
रोहिणी: 360
सोनिया विहार: 315
विवेक विहार: 331
वजीरपुर: 343
स्वास्थ्य पर असर

‘बेहद खराब’ श्रेणी का AQI लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन रोगियों पर इसका असर ज्यादा पड़ रहा है।
लंबे समय तक इस स्तर का प्रदूषण रहने से हृदय और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हवा की दिशा और गति में बदलाव से मामूली राहत मिली है, लेकिन समग्र स्थिति अभी भी चिंताजनक है। कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। आने वाले दिनों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों को सांस लेने में राहत मिल सके।









