Delhi में विदेशी हथियारों का जखीरा! चेक और इटालियन गन के साथ अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के पास से चेक गणराज्य, इटली और ब्राजील निर्मित 21 विदेशी पिस्टल और मशीन गन बरामद हुई हैं। पाकिस्तान और नेपाल के रास्तों से भारत में हथियारों की सप्लाई करने वाले इस नेटवर्क का भंडाफोड़ सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 25, 2026

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Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बेहद खतरनाक और हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह केवल भारत के राज्यों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके गहरे संबंध पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के अवैध हथियार सप्लायरों के साथ पाए गए हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह से जुड़े 10 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनके पास से बरामद जखीरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें 21 विदेशी निर्मित पिस्टल, मशीन गन और 200 से अधिक जिंदा कारतूस शामिल हैं।

विदेशी हथियारों की बरामदगी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से बरामद हथियार सामान्य नहीं हैं। पुलिस की छापेमारी में अत्याधुनिक और ऑटोमैटिक हथियार मिले हैं, जिनमें चेक गणराज्य में बनी सब-मशीन गन भी शामिल है। इसके अलावा, जब्त किए गए हथियारों में दुनिया के विभिन्न देशों की अत्याधुनिक पिस्टल शामिल हैं, जैसे कि तुर्की की Stoeger, चीन की PX-3, चेक गणराज्य की Shadow CZ, इटली की Beretta, ब्राजील की Taurus और जर्मनी की Walther। इन हथियारों की गुणवत्ता और मारक क्षमता भारतीय अंडरवर्ल्ड में इनकी भारी मांग को दर्शाती है।

स्पेशल फोर्सेज द्वारा इस्तेमाल होने वाले PX-5.7 पिस्टल की जब्ती

इस बरामदगी में सबसे चौंकाने वाला खुलासा PX-5.7 पिस्टल का मिलना है। यह एक ऐसा घातक हथियार है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर दुनिया भर की विशेष सैन्य टुकड़ियों (Special Forces) द्वारा ही किया जाता है। इतने संवेदनशील हथियार का एक आपराधिक गिरोह के पास मिलना इस बात का संकेत है कि इन तस्करों की पहुंच कितनी गहरी है। जांच अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि आखिर ये प्रतिबंधित हथियार किस माध्यम से इन तस्करों तक पहुंचे और इनका अंतिम लक्ष्य क्या था।

भारत-नेपाल सीमा से हथियारों का अवैध आयात

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हथियारों की यह खेप पाकिस्तान से भेजी गई थी। तस्करी के लिए भारत-नेपाल सीमा के रास्तों का उपयोग किया गया, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चुनौती है। बॉर्डर पार कराने के बाद, इन हथियारों को दिल्ली-NCR और भारत के अन्य राज्यों में सक्रिय बड़े आपराधिक गिरोहों (गैंगस्टर्स) को सप्लाई किया जाना था। यह मॉड्यूल एक व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें सीमा पार से डिलीवरी और स्थानीय स्तर पर वितरण के लिए अलग-अलग टीमें सक्रिय थीं।

अंतरराज्यीय क्राइम सिंडिकेट पर पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह गिरोह न केवल अंतरराज्यीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय फलक पर भी हथियारों के व्यापार में लिप्त था। यह पूरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी, जिसके तहत 10 लोगों को दबोचा गया। फिलहाल, पुलिस इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के ‘मास्टरमाइंड’ और नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों का पता लगाया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और दिल्ली समेत पूरे देश में सक्रिय अवैध हथियार बाजार की कमर तोड़ी जा सकेगी।

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