
Delhi News: राजधानी दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी कड़ी है, इसका एक बार फिर बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। दिल्ली के ऐतिहासिक जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सतर्क जवानों ने असाधारण चौकसी का परिचय देते हुए एक संदिग्ध यात्री को धर दबोचा। शुरुआती जांच में जब यात्री की हरकतें संदिग्ध लगीं और उसने भागने का प्रयास किया, तो सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से कुछ ऐसा बरामद हुआ, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
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एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान सामने आई संदिग्ध वस्तु

घटना की शुरुआत स्टेशन पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान हुई। जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर हमेशा की तरह यात्रियों और उनके सामान की स्कैनिंग की जा रही थी। इसी क्रम में जब उक्त यात्री का बैग एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) मशीन के जरिए गुजारा गया, तो ऑपरेटर की स्क्रीन पर एक घनी और संदेहास्पद वस्तु दिखाई दी।
मशीन पर नजर पड़ते ही ड्यूटी पर तैनात CISF के जवानों ने तुरंत सतर्कता बरती और संबंधित यात्री को रोककर उसकी गहन जांच की प्रक्रिया शुरू की। जैसे ही जवानों ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए उससे पूछताछ और सामान की तलाशी आगे बढ़ाई, यात्री घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन, वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों की तत्परता और मुस्तैदी के आगे उसकी चालाकी नहीं टिक सकी। जवानों ने तुरंत उसका पीछा किया और मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मेट्रो स्टेशन के निकास (एग्जिट) गेट के पास ही दबोच लिया।
अंडरगारमेंट की सिलाई के अंदर छुपाया गया था रहस्यमयी पदार्थ
पकड़े जाने के बाद जब सुरक्षाकर्मियों ने उस यात्री और उसके सामान की बेहद बारीकी से तलाशी ली, तो एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यात्री के पास से तो संदिग्ध वस्तु मिली ही, साथ ही उसके शरीर पर पहने हुए अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से के भीतर एक अज्ञात अर्धठोस (सेमी-सॉलिड) पदार्थ छिपाकर रखा गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ के दौरान उस व्यक्ति ने खुद को कुआलालंपुर (मलेशिया) में रहने वाला एक अनिवासी भारतीय (NRI) बताया। हालांकि, उसने जो दावे किए हैं और जिस तरह से पदार्थ को छिपाकर ले जाया जा रहा था, उससे जुड़ी परिस्थितियों की अभी तक कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। सुरक्षा एजेंसियां उसके दावों की सच्चाई टटोलने में जुटी हुई हैं।
पुलिस को सौंपा गया मामला, आगे की जांच जारी

CISF ने अपनी त्वरित और पेशेवर कार्रवाई का परिचय देते हुए संदिग्ध यात्री, उसके सामान और बरामद किए गए अज्ञात अर्धठोस पदार्थ को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है।
फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि वह अर्धठोस पदार्थ आखिरकार क्या है, उसकी रासायनिक प्रकृति कैसी है और उसे इस तरह शरीर पर छिपाकर ले जाने के पीछे उसका असली मकसद क्या था। पदार्थ की फोरेंसिक जांच और पुलिस पूछताछ के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की असल तस्वीर साफ हो सकेगी।
भले ही इस मामले में अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक आपराधिक गतिविधि या प्रतिबंधित वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन CISF की इस त्वरित और सतर्क कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में कोताही की कोई गुंजाइश नहीं है।
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