India Bloc Protest Delhi : सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी को फटकार, प्रदर्शन मामले में नोटिस और CCTV सुरक्षित रखने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट परिसर में नारेबाजी और कथित हंगामे के मामले में राहुल गांधी को नोटिस जारी हुआ है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता। कोर्ट ने इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया। अब आगे क्या होगा?

India Bloc Protest Delhi

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

Advertisements
728x90-Kanya-Sumangla-Mission-Shakti-Digital

India Bloc Protest Delhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन इंडिया के अन्य नेताओं के सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंचने के दौरान हुई नारेबाजी और कथित हंगामे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। खबर के मुताबिक, अदालत ने राहुल गांधी को फटकार लगाई और मामले में दायर याचिका पर उन्हें नोटिस जारी किया। याचिका में अदालत परिसर के भीतर राजनीतिक प्रदर्शन, नारेबाजी और भीड़ जुटाने जैसी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई है।

अदालत परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन

याचिकाकर्ता ने अदालत परिसर में राजनीतिक गतिविधियों के कारण न्यायिक संस्थानों की गरिमा और उनके नियमित कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई है। याचिका में मांग की गई है कि न्यायालय परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए स्पष्ट नियम तय किए जाएं। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंचने के समय हुई नारेबाजी का मुद्दा भी उठाया गया। अदालत में इस बात पर चर्चा हुई कि न्यायिक परिसर में विरोध प्रदर्शन की सीमा और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के लिए क्या कदम जरूरी हैं।

भाटिया ने वकीलों की नाराजगी का मुद्दा उठाया

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम से वकील आहत हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 200 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन यानी एससीबीए को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। भाटिया ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां अदालत पर दबाव बनाने या उसे धमकाने के प्रयास जैसी हैं। हालांकि, ये दावे सुनवाई के दौरान रखे गए पक्ष का हिस्सा हैं। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान संबंधित तथ्यों और दलीलों पर विचार किया जाएगा।

‘अदालत को कोई धमका नहीं सकता’

गौरव भाटिया की दलीलों पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता। उन्होंने टिप्पणी की कि लोग अदालत के बाहर अलग-अलग तरह के बयान देते हैं, लेकिन न्यायालय के भीतर पहुंचने पर उनका व्यवहार और भाषा बदल जाती है। मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी को न्यायिक संस्थान की स्वतंत्रता और गरिमा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी संकेत दिया कि बाहर होने वाले बयानों और गतिविधियों की जानकारी न्यायपालिका तक भी पहुंचती है।

अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश

गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन के नेताओं का विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च अदालत पर दबाव डालने का प्रयास था। इस दलील पर मुख्य न्यायाधीश ने ऐसे प्रयासों को कमजोर बताते हुए कहा कि उन पर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश किसी अलग-थलग स्थान पर नहीं बैठे हैं और उन्हें बाहर होने वाली गतिविधियों की जानकारी रहती है। अदालत की टिप्पणियों के बीच मामले में राजनीतिक प्रदर्शन और न्यायिक संस्थानों की गरिमा को लेकर बहस तेज हो गई है।

CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान अदालत परिसर में रिकॉर्ड हुई सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। यह निर्देश घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध दृश्य साक्ष्यों को संरक्षित रखने के लिहाज से अहम है। मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह अदालत की आगामी सुनवाई और संबंधित पक्षों की दलीलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, याचिका में अदालत परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश तय करने की मांग की गई है।

Read More :  Pakistan School Accident : पाकिस्तान के पेशावर में स्कूल की छत ढही, 20 बच्चों समेत 21 की मौत