Weather Update: उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में कुदरत का मिजाज इस साल बेहद आक्रामक नजर आ रहा है। 8 मार्च 2026 को दिल्ली-एनसीआर में गर्मी ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। होली से पहले ही सूरज के कड़े तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले महीने और भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, राजधानी में पारा तेजी से उछाल मार रहा है, जिससे अभी से ही दोपहर के समय लू (Heatwave) जैसा अहसास होने लगा है।
दिल्ली में 50 साल का रिकॉर्ड टूटा: मार्च की शुरुआत में ही प्रचंड तपिश
राजधानी दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र ने शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7°C दर्ज किया, जो पिछले पांच दशकों में मार्च के पहले सप्ताह का सर्वाधिक तापमान है। इससे पहले 5 मार्च 1999 को पारा 34.8°C तक पहुंचा था। आज रविवार को अधिकतम तापमान 36°C तक जाने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 17°C के आसपास रहेगा। यह असामान्य स्थिति न केवल दिल्ली बल्कि हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी बनी हुई है, जहाँ तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री तक अधिक चल रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान: जयपुर और चेन्नई में सबसे ज्यादा गर्मी
देश के विभिन्न शहरों में आज तापमान का ग्राफ डराने वाला है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पारा 38°C तक पहुंचने की संभावना है, जो इसे सबसे गर्म शहरों में से एक बना रहा है। लखनऊ और मुंबई में भी तापमान 35°C के आसपास बना हुआ है। राहत की बात केवल पहाड़ी क्षेत्रों में है, जहाँ शिमला में 25°C और नैनीताल में 22°C तापमान दर्ज किया गया है, हालांकि यहाँ भी तापमान सामान्य से अधिक ही बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद: 10-12 मार्च को बदल सकता है मौसम
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक राहत भरी खबर भी दी है। 10 से 12 मार्च के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस मौसमी बदलाव से बढ़ते पारे पर लगाम लगने की उम्मीद है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से कुछ दिनों की शांति मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल: बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी जिलों में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यहाँ आज तापमान सामान्य से 7 डिग्री तक अधिक हो सकता है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को पूर्वी यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जो किसानों के लिए चिंता और आम जनता के लिए राहत का सबब बन सकती हैं।
पहाड़ों और दक्षिण भारत में मौसम की दोहरी मार: बर्फबारी और हीटवेव
एक तरफ जहाँ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल के मैदानी इलाकों में हीटवेव (Heatwave) का अलर्ट जारी किया गया है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी उष्ण लहर चलने की आशंका है। ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 9 से 11 मार्च के बीच बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत
मार्च के पहले हफ्ते में ही इस तरह की गर्मी का पड़ना पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है। यदि मार्च के शुरुआती दिनों में ही पारा 36 डिग्री को पार कर रहा है, तो अप्रैल और मई में स्थिति अत्यंत विकट हो सकती है। आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
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