Heavy Rain Delhi NCR: दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नोएडा के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्र जैसे सेक्टर-18, सेक्टर-62 और खोड़ा कॉलोनी पूरी तरह जलमग्न नजर आए। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसायटियों और किसान चौक के आसपास सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। इस भारी जलभराव के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है और स्थानीय ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई है।
सड़कों पर रेंगते वाहन
बताते चले कि, तेज बारिश के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। डीएससी रोड और सूरजपुर-कासना मार्ग पर ट्रैफिक जाम के कारण कामकाजी लोग और स्कूली बच्चे घंटों फंसे रहे। आफत तब और बढ़ गई जब सड़कों पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप गए, जिससे कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो गए। स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है कि हर साल करोड़ों खर्च होने के बाद भी जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
गुरुग्राम में बारिश का कहर
साइबर सिटी गुरुग्राम में भी आसमान से आफत बरस रही है। जलभराव के कारण सुबह से ही वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में न जाने की हिदायत दी है।
बिजली और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप
फरीदाबाद में बुधवार रात से शुरू हुई बारिश ने बुनियादी सुविधाओं को चरमरा दिया है। एनआईटी क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों में पूरी रात ब्लैकआउट रहा, जिससे बिजली निगम के दफ्तरों में शिकायतों का अंबार लग गया। बिजली लाइनों में आए तकनीकी फॉल्ट के अलावा, संजय कॉलोनी और सेक्टर-52 जैसे इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई होने से महामारी का खतरा बढ़ गया है। बाटा चौक, नेशनल हाईवे और बड़खल गांव जैसे पॉश इलाके भी पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके हैं।
गाजियाबाद में बाढ़ जैसे हालात
गाजियाबाद के मोदीनगर, लोनी और साहिबाबाद स्टेशन रोड सहित कई इलाकों से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आ रही हैं। यहाँ मुख्य सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं, जिसके चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जलजमाव इस कदर बढ़ चुका है कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं और नगर निकाय की मानसून तैयारियों के दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं।
13 जुलाई तक मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को 13 जुलाई तक इस मानसूनी आफत से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। क्षेत्र में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस खराब मौसम का सीधा असर दिल्ली एयरपोर्ट की उड़ानों पर भी पड़ा है। कई विमानों ने देरी से उड़ान भरी है, जिसके चलते एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को समय से पहले घर से निकलने और अपना फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सख्त सलाह दी है।








