
Delhi NCR Pollution: दिल्ली-NCR में लगातार बिगड़ती हवा और बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। दिवाली से ठीक पहले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों को सांस लेने योग्य हवा मुहैया कराने के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त कदम उठाए हैं। 30 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, क्षेत्र में ‘ग्रैप’ (GRAP) के तहत कई बड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
Delhi Pollution: प्रदूषण से निपटने के लिए CAQM का बड़ा फैसला, क्या अब आधे
वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों के समय में बदलाव

प्रदूषण को रोकने के लिए सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना बेहद जरूरी है। इसके तहत CAQM ने दिल्ली और NCR के 5 प्रमुख जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)—के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को निर्देश जारी किया है। 5 नवंबर से 20 नवंबर तक दफ्तरों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही भौतिक रूप से आने की अनुमति होगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करेंगे। यह नियम औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक (इमरजेंसी) सेवाओं पर लागू नहीं होगा। इलेक्ट्रिक (EV) बसों, मेट्रो सेवाओं के विस्तार, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि निजी वाहनों की आवाजाही कम हो सके।
विंटर एक्शन प्लान और सख्त वाहन नियम
सर्दियों के मौसम में धुंध और जहरीली हवा के प्रभाव को कम करने के लिए विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत वाहनों और साइटों की सख्त निगरानी होगी। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक BS-6 मानकों से कम वाले बाहरी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। बिना वैध पीयूसीसी (PUCC – पोल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) के वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। निर्माण और अन्य संवेदनशील स्थलों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर रोक

धूल-मिट्टी से होने वाले कण प्रदूषण (PM 2.5 और PM 10) को रोकने के लिए भारी निर्माण और डेमोलिशन पर रोक लगाई गई है। ऐसी सभी गतिविधियां जो बड़े पैमाने पर धूल उड़ाती हैं, उन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स को इसमें छूट दी गई है। इनमें हाईवे, एक्सप्रेसवे, सड़क मरम्मत, फ्लाईओवर, पावर ट्रांसमिशन लाइनें, पाइपलाइन, टेलीकम्युनिकेशन, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, बस टर्मिनल, अस्पताल, जल आपूर्ति, स्वच्छता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा व रक्षा से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
आयोग को कानूनी अधिकार और आंकड़ों का आधार
CAQM ने यह कड़े फैसले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम 2021 की धारा 12 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लागू किए हैं। यह अधिनियम आयोग को दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर रोक लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वैधानिक अधिकार प्रदान करता है।
यह प्रतिबंध 2018 से 2025 तक के नवंबर महीने के AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) के ऐतिहासिक आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद लागू किए गए हैं। आंकड़े स्पष्ट दर्शाते हैं कि नवंबर के शुरुआती 15 दिनों में हवा का स्तर गंभीर और खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा होते हैं।
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