Bus Truck Accident : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बस-ट्रक टक्कर के बाद लगी आग, 7 लोगों की मौत

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बस और ट्रक की भीषण टक्कर के बाद आग लगने से सात लोगों की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। आखिर हादसा कैसे हुआ, आग इतनी तेजी से क्यों फैली, बचाव अभियान में क्या सामने आया और जांच में कौन से बड़े खुलासे हो सकते हैं, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Bus Truck Accident

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 1, 2026

Bus Truck Accident : राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार की भोर में एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी एक निजी बस और ट्रक की आमने-सामने से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों ही वाहनों ने पलक झपकते ही भीषण आग का विकराल रूप धारण कर लिया। इस भीषण अग्निकांड के कारण बस में सवार कई यात्री अंदर ही फंस गए, जिससे उन्हें बाहर निकलने का अवसर तक नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और प्रशासन में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।

घटना का विवरण: हरिद्वार से इंदौर जा रही थी बस

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा दौसा के कोलवा थाना क्षेत्र अंतर्गत द्वारापुरा के निकट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 169 चेनेज नंबर पर हुआ। बस हरिद्वार से इंदौर की ओर जा रही थी, जिसमें ज्यादातर यात्री मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। बस में यात्रियों के साथ-साथ कुछ छोटे बच्चे भी सवार थे। जैसे ही बस ट्रक से टकराई, ईंधन टैंक में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

राहत और बचाव के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर अंजाम दिया गया। घायलों को समय रहते उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ का निर्माण किया, ताकि एंबुलेंस को बिना किसी बाधा के अस्पताल तक पहुँचाया जा सके। इस व्यवस्था के माध्यम से घायलों को तुरंत दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बस में कुल 39 लोग सवार थे। अब तक 6 शवों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 17 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है। मलबे के भीतर अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की चिंता बनी हुई है।

उच्चाधिकारियों ने संभाली कमान, जांच जारी

हादसे की भयावहता को देखते हुए दौसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष दीक्षित, जिला कलेक्टर सौम्या झा और अन्य प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे बचाव अभियान का जायजा लिया। दौसा जिला अस्पताल में एएसपी योगेंद्र फौजदार की देखरेख में चिकित्सा टीम घायलों को सर्वोत्तम उपचार मुहैया कराने के प्रयास में जुटी है। फिलहाल, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग हादसे के वास्तविक कारणों की गहन जांच कर रहा है। क्या यह मानवीय चूक थी, तकनीकी खराबी थी या कोहरे जैसी कोई अन्य वजह—यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, घटनास्थल पर राहत कार्य अभी भी जारी है।

Read More :  Petrol Diesel News : पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, डीजल टैक्स 5.5 रुपये घटा, सरकार के फैसले से मचा हलचल