Malviya Nagar Fire : देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण और दर्दनाक अग्निकांड के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी तफ्तीश को बेहद तेज कर दिया है। इस भयानक हादसे में 21 मासूम लोगों की दर्दनाक मौत के बाद से ही इलाके में कोहराम मचा हुआ था। घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस की स्पेशल टीम ने आखिरकार कड़े एक्शन के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए उसके साकेत स्थित आलीशान आवास पर छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां से भागने में सफल रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद लवकेश बजाज ने पूछताछ में दावा किया कि उसे होटल में ऐसी भयावह स्थिति या किसी बड़े हादसे का कतई अंदाजा नहीं था।
दक्षिण दिल्ली के साकेत में स्थित है आरोपी का 500 गज का आलीशान मकान
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी लवकेश बजाज का आलीशान और बेहद भव्य मकान दक्षिण दिल्ली के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में से एक साकेत के डी-140 पते पर स्थित है। लगभग 500 गज की विशाल भूमि पर बने इस चार मंजिला आलीशान मकान में लवकेश बजाज का पूरा संयुक्त परिवार एक साथ निवास करता है। वह अपने तीन-चार भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इसी घर में रहता है। इस आलीशान बंगले के भीतर बड़े पैमाने पर बेहद कीमती लकड़ी का काम यानी ‘वुडन वर्क’ कराया गया है। घर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पिछले हिस्से की दीवार पर कुल 26 एयर कंडीशनर (AC) की यूनिट्स लगी हुई दिखाई देती हैं। सुरक्षा के लिहाज से मकान के पिछले हिस्से में कोई अलग प्रवेश द्वार नहीं दिया गया है।
नियमों को ताक पर रखकर महज 6 कमरों के लाइसेंस पर चलाया जा रहा था अवैध होटल
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और होटल प्रबंधन की घोर आपराधिक लापरवाही को उजागर करने वाले हैं। जांच में पता चला है कि लवकेश बजाज जिस इमारत में धड़ल्ले से होटल का संचालन कर रहा था, उसके लिए उसके पास पर्यटन विभाग से केवल 6 कमरों वाले ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) मॉडल का ही वैध लाइसेंस प्राप्त था। इस सीमित लाइसेंस के बावजूद, उसने नियमों और इंसानी सुरक्षा को पूरी तरह ताक पर रखकर पूरी इमारत की 5 मंजिलों पर करीब 25 आलीशान कमरों की अवैध व्यवस्था कर रखी थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, होटल के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों पर भी मेहमानों को जबरन ठहराया जाता था। इमारत में न तो आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) था और न ही वेंटिलेशन और अग्निशमन की कोई बुनियादी सुविधा मौजूद थी।
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली के अन्य अवैध गेस्ट हाउस भी जांच के दायरे में
हादसे के तुरंत बाद से ही आरोपी लवकेश बजाज कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने सभी संभावित ठिकानों को बदल-बदल कर छिप रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। इस भीषण अग्निकांड के बाद अब मालवीय नगर, साकेत और पूरे दक्षिण दिल्ली इलाके में बिना फायर एनओसी (NOC) और बिना वैध दस्तावेजों के चल रहे अन्य सैकड़ों अवैध होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों के खिलाफ भी स्थानीय प्रशासन ने सख्त जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले कई और बड़े होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपी लवकेश बजाज ने खोले राज और बताई होटल विस्तार की वजह
दिल्ली पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी लवकेश बजाज ने कबूल किया कि उसने केवल अपना मुनाफा और कारोबार बढ़ाने के लालच में आकर होटल के भीतर कमरों की संख्या को अवैध रूप से बढ़ाया था। उसने अपनी सफाई में तर्क दिया कि मालवीय नगर और साकेत के क्षेत्रों में देश के कई बड़े और विश्व प्रसिद्ध कॉर्पोरेट अस्पताल स्थित हैं, जिनमें मैक्स अस्पताल (Max Hospital) सबसे प्रमुख है। इन अस्पतालों में भारत के कोने-कोने के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में गंभीर मरीज इलाज के लिए दिल्ली आते हैं। अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों के परिजनों और तीमारदारों के ठहरने की पर्याप्त और सस्ती व्यवस्था नहीं होती है। इसी मांग को देखते हुए वह तीमारदारों को कम दरों पर कमरे उपलब्ध कराता था, जिससे उसका धंधा तेजी से चल पड़ा, लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी यह लापरवाही 21 लोगों की जान ले लेगी।










