Delhi Government on Student Protest: नीट-UG आंदोलन के छात्रों पर नहीं होगी कोई कानूनी कार्रवाई, एफआईआर रद्द

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए नीट-UG प्रदर्शनों के दौरान दर्ज सभी 13 मुकदमों को वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। निर्दोष छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Delhi Government on Student Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 30, 2026

Delhi Government on Student Protest: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के लिए दिल्ली सरकार की ओर से एक बहुत ही राहत भरा और बड़ा फैसला सामने आया है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा 30 जुलाई 2026 को जारी किए गए एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, नीट प्रदर्शनों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों और युवाओं के खिलाफ कुल 13 मुकदमे (FIR) दर्ज किए गए थे, जिनमें अब किसी भी निर्दोष प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई भी प्रतिकूल या दंडात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार के इस कदम से उन हजारों छात्रों और युवाओं को बड़ी राहत मिली है जो परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे और कानूनी पचड़े में फंस गए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कर रही दिल्ली सरकार

बताते चले कि, गृह विभाग की ओर से जारी बयान में यह पूरी तरह से स्पष्ट किया गया है कि यह महत्वपूर्ण फैसला ‘शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य’ मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 28 जुलाई 2026 को पारित किए गए ऐतिहासिक आदेश का गहराई से अनुपालन करते हुए लिया गया है। सरकार ने साफ शब्दों में यह भी रेखांकित किया है कि यह कानूनी संरक्षण और राहत केवल और केवल निर्दोष छात्रों तथा आम शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों तक ही सीमित रहेगी। यदि इनमें से किसी भी व्यक्ति का पूर्व में कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड या इतिहास रहा है, तो उस पर यह राहत लागू नहीं होगी और कानून अपने हिसाब से काम करेगा।

गिरफ्तार छात्रों की शीघ्र रिहाई की प्रक्रिया शुरू

सरकार की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि यदि इस पूरे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी को पुलिस द्वारा पहले ही गिरफ्तार या हिरासत में ले लिया गया है, तो उनके व्यक्तिगत मामलों की तत्काल प्रभाव से उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें शीघ्रता से जेल या हिरासत से रिहा करने की कानूनी प्रक्रिया भी युद्धस्तर पर शुरू कर दी जाएगी। दिल्ली सरकार ने अपने रुख को पूरी तरह से स्पष्ट करते हुए यह भी घोषणा की है कि वह भविष्य में इस विरोध प्रदर्शन से जुड़े किसी भी छात्र या नागरिक के खिलाफ कोई आगे की नई कानूनी या अदालती कार्यवाही नहीं चलाएगी और इस पूरे प्रकरण को यहीं पर समाप्त माना जाएगा।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच जंतर-मंतर पर सियासत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरगर्मी काफी बढ़ गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को पूरी तरह से वापस नहीं लिया गया, तो वे इस आंदोलन को फिर से बड़े पैमाने पर शुरू करेंगे। इस तीखी चेतावनी के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद पुख्ता करते हुए अतिरिक्त पुलिस बलों और अर्धसैनिक जवानों को तैनात कर दिया है, तथा सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने के लिए मेटल बैरिकेड्स को आपस में वेल्डिंग करके मजबूती से जोड़ दिया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।