Uttam Nagar Security: दिल्ली में ईद पर सुरक्षा सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की ‘डिजिटल स्ट्राइक’

दिल्ली के द्वारका और उत्तम नगर में ईद से पहले सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। 4 मार्च को हुई हत्या के बाद बने तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए 100 से अधिक पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 20, 2026

Uttam Nagar Security: देश की राजधानी में त्योहारों की खुशी के बीच सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। दिल्ली के द्वारका और उत्तम नगर जैसे संवेदनशील इलाकों में ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

उत्तम नगर और द्वारका में कड़ा पहरा

ईद की पूर्व संध्या पर दिल्ली पुलिस ने द्वारका जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Tight Security Arrangements) किए हैं। 4 मार्च को उत्तम नगर में हुई एक हिंसक घटना के बाद से ही पश्चिमी दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके को एक अभेद्य किले में बदल दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के विशेष निर्देशों के बाद सुरक्षा घेरा और अधिक सख्त कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि को पनपने से रोका जा सके।

100 से ज्यादा पुलिस चौकियां और छतों पर तैनात जवान

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले भर में 100 से अधिक पुलिस पिकेट (Security Checkpoints) स्थापित की गई हैं। पुलिस न केवल सड़कों पर गश्त कर रही है, बल्कि संवेदनशील इलाकों की छतों और प्रमुख चौराहों पर भी सशस्त्र कर्मियों को तैनात किया गया है। लोगों की आवाजाही पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। उत्तम नगर पूर्व मेट्रो स्टेशन के आसपास विशेष घेराबंदी की गई है ताकि सार्वजनिक परिवहन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

होली के दौरान हुई हत्या का साया

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के पीछे का मुख्य कारण 4 मार्च को हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें तरुण (26) नामक युवक की जान चली गई थी। जेजे कॉलोनी मर्डर केस (JJ Colony Murder Case) के बाद से हत्सल गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में माहौल संवेदनशील बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना या आपसी झड़प की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की संयुक्त टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है।

पानी के गुब्बारे से शुरू हुआ विवाद

मार्च में हुई वह हिंसक झड़प महज एक पानी के गुब्बारे से शुरू हुई थी, जिसने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया और दो पड़ोसी परिवारों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। इस मामले में पुलिस अब तक 14 दंगाइयों और आरोपियों की पहचान (Arrest of Accused) कर चुकी है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि पुरानी रंजिश या अफवाहों के आधार पर माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

जमीनी स्तर पर पैदल गश्त और गाड़ियों की सघन जांच के साथ-साथ पुलिस का आईटी सेल और साइबर विंग (Cyber Monitoring) भी पूरी तरह सक्रिय है। भड़काऊ पोस्ट, फर्जी खबरें और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है ताकि ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।