Delhi e-rickshaw fire: राजधानी दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार की सुबह यहां एक चार मंजिला आवासीय इमारत की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरी फटने से भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे की चपेट में आने से दो लोगों की झुलसने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग काफी नुकसान पहुंचा चुकी थी। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर बैटरी चार्जिंग और सुरक्षित रख-रखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कैसे और कब हुआ यह हादसा?
दिल्ली अग्निशमन सेवा (दमकल विभाग) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार तड़के करीब 4:42 बजे की है। रघुबीर नगर के ‘आर’ ब्लॉक में स्थित एक चार मंजिला मकान की पहली मंजिल पर अचानक एक ई-रिक्शा की बैटरी तेज धमाके के साथ फट गई।
बैटरी फटने के बाद वहां मौजूद घरेलू सामान ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कमरे में भारी धुआं तथा लपटें फैल गईं। सुबह-सड़क का वक्त होने के कारण अधिकांश लोग नींद में थे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
दो लोगों की दर्दनाक मौत और अस्पताल में पुष्टि
आग की चपेट में आने से दो गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहत कर्मियों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए रघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफैद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद के रूप में हुई है। इस कम उम्र के किशोर और एक अन्य व्यक्ति की अचानक हुई इस तरह की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल टीम ने सुबह करीब 5:25 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया, जिससे आग को इमारत की अन्य मंजिलों तक फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस जांच और सुरक्षा को लेकर चिंताएं
हादसे की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बैटरी किस स्थिति में चार्ज हो रही थी या उसमें अचानक तकनीकी खराबी क्यों आई।
बंद कमरों या रिहायशी इलाकों में ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करना या उन्हें घर के अंदर रखना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इस घटना ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
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