
Uttarakhand Roadways Buses: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से बीएस-6 मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। इस नए नियम का सीधा असर उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाओं पर पड़ने वाला है। उत्तराखंड रोडवेज की करीब 200 बसें अब दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। इनमें वोल्वो और सामान्य श्रेणी की बसें भी शामिल हैं। इससे उत्तराखंड और दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के सामने परिवहन का विकल्प चुनने की चुनौती खड़ी हो सकती है।
उत्तराखंड रोडवेज की करीब 400 बसें
उत्तराखंड परिवहन निगम के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 934 बसों का संचालन अलग-अलग मार्गों पर किया जाता है। इनमें लगभग 400 बसें दिल्ली के लिए सेवाएं देती हैं। हालांकि, इन बसों में करीब 200 बसें बीएस-6 मानक के अनुरूप नहीं हैं। इनमें 12 वोल्वो बसें भी शामिल हैं। नए नियम लागू होने के बाद इन बसों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-देहरादून रूट पर पड़ने की संभावना है, जहां यात्रियों के लिए लग्जरी वोल्वो बसों की सुविधा उपलब्ध है।
दिल्ली-देहरादून रूट पर कम होंगी वोल्वो बसों की सेवाएं
दिल्ली और देहरादून के बीच रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। इस रूट पर वर्तमान में 25 वोल्वो बसों का संचालन किया जाता है। इनमें से 12 बसें बीएस-6 मानक की नहीं होने के कारण दिल्ली नहीं जा पाएंगी। ऐसे में इस मार्ग पर वोल्वो सेवाओं की संख्या प्रभावित होगी। खासकर उन यात्रियों को परेशानी हो सकती है, जो आरामदायक और कम समय में सफर पूरा करने के लिए वोल्वो बसों को प्राथमिकता देते हैं।

बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों को राहत देने की तैयारी

बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है। निगम की योजना है कि दिल्ली जाने में सक्षम बची हुई बसों के फेरों की संख्या बढ़ाई जाए। रोडवेज के महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह के अनुसार, करीब 200 बसें दिल्ली नहीं जा सकेंगी। हालांकि, निगम के पास दो सीएनजी बसें भी हैं और पर्वतीय मार्गों पर नई बसें संचालित की जा रही हैं। इसलिए यात्रियों की सुविधाओं को प्रभावित नहीं होने देने का प्रयास किया जाएगा।
छह वोल्वो बसों के फेरे बढ़ेंगे
परिवहन निगम शुरुआत में छह वोल्वो बसों के फेरे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर सभी 13 बसों के फेरे बढ़ाए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था से बस सेवाओं की संख्या बढ़ाकर यात्रियों की मांग पूरी करने की कोशिश होगी। निगम का कहना है कि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा।
आगरा, लखनऊ और चंडीगढ़ समेत नए रूटों पर चलेंगी वोल्वो

दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाने वाली वोल्वो बसों को दूसरे मार्गों पर संचालित करने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके तहत आगरा, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों के लिए वोल्वो सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा नेपाल के रूट को भी संभावित विकल्पों में शामिल किया गया है। इससे इन शहरों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को लग्जरी बसों का विकल्प मिल सकता है। परिवहन निगम की इस नई रणनीति से दिल्ली रूट पर प्रभावित बसों का इस्तेमाल दूसरे मार्गों पर किया जा सकेगा।
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