Delhi Assembly Session: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सोमवार, 5 जनवरी को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदूषण के गंभीर मुद्दे को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। सदन में शोर-शराबे और बढ़ते तनाव को देखते हुए स्पीकर ने कई विधायकों को बाहर निकालने का आदेश दिया, जिसके बाद समूचे विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
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विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण में बाधा
बताते चले कि,च सत्र की शुरुआत होते ही जैसे ही उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने अपना अभिभाषण शुरू किया, आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार और सोमदत्त अभिभाषण के बीच लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे। स्थिति को अनियंत्रित होता देख विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने इन चारों विधायकों को सदन से बाहर ले जाने के निर्देश दिए। इसके विरोध में पूरी आम आदमी पार्टी ने एकजुट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया और महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया।
प्रदूषण संकट और बीजेपी सरकार पर डेटा चोरी का गंभीर आरोप
आपको बता दे कि, सदन के बाहर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष की नेता आतिशी ने सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार (भाजपा) प्रदूषण के वास्तविक आंकड़ों को छुपा रही है। आतिशी ने कहा, “हमें सदन से सिर्फ इसलिए बाहर निकाला गया क्योंकि हम दिल्ली की ज़हरीली हवा को दर्शाने के लिए मास्क पहनकर गए थे। आज दिल्ली के लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं, बच्चों का दम घुट रहा है और एम्स के डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि यहां जीना मुश्किल है, लेकिन सरकार डेटा की हेराफेरी में व्यस्त है।”
इंडस्ट्रियल मास्क के साथ ‘आप’ का विरोध प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को सही ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। विरोध स्वरूप ‘आप’ के विधायक इंडस्ट्रियल मास्क पहनकर विधानसभा पहुंचे थे, ताकि वे राजधानी में प्रदूषण की भयावह स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित कर सकें। पार्टी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि रेखा गुप्ता सरकार द्वारा की जा रही “डेटा चोरी” और पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ यह आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर जवाबदेही की मांग
सदन से निष्कासित होने और वॉकआउट करने के बाद सभी विपक्षी विधायक गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने मांग की कि सरकार को दिल्ली की जनता की सेहत से खिलवाड़ बंद करना चाहिए और प्रदूषण पर गलत आंकड़े पेश करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। इस हंगामे के कारण सत्र के पहले दिन की विधायी कार्यवाही पूरी तरह प्रभावित रही।










