Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए सोमवार की सुबह राहत की एक हल्की किरण लेकर आई। पिछले कुछ दिनों से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई दिल्ली की हवा में रविवार की तुलना में आज सुधार दर्ज किया गया है। प्रदूषण के स्तर में आई यह गिरावट प्रशासन और आम जनता के लिए एक सकारात्मक संकेत है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हवा अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
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AQI में गिरावट और वर्तमान स्थिति
बताते चले कि, ‘एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली’ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 266 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि रविवार को यह सूचकांक ‘बेहद खराब’ स्तर को पार कर गया था, लेकिन आज यह गिरकर ‘खराब’ (Poor Category) श्रेणी में आ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में आए बदलाव और हवा की गति में मामूली तेजी की वजह से प्रदूषक कणों के जमाव में कमी आई है, जिससे वायु प्रदूषण के स्तर में यह सुधार देखा जा रहा है।
विभिन्न इलाकों का प्रदूषण चार्ट और हॉटस्पॉट क्षेत्र
आपको बता दे कि, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में वायु की स्थिति भिन्न है। कुछ इलाके अब भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी की चपेट में हैं। आनंद विहार में एक्यूआई 320, चांदनी चौक में 337 और जहांगीरपुरी में 316 दर्ज किया गया, जो चिंता का विषय बना हुआ है। इसके विपरीत, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 (153) और आया नगर (178) जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर ‘मध्यम’ श्रेणी में पाया गया। विवेक विहार (318) और वजीरपुर (308) जैसे इलाकों में भी वायु प्रदूषण का प्रकोप अभी कम नहीं हुआ है।
वायु गुणवत्ता के मानक और स्वास्थ्य पर प्रभाव
वायु गुणवत्ता को मापने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच का इंडेक्स ‘साफ हवा’ को दर्शाता है। 51-100 को ‘संतोषजनक’ और 101-200 को ‘मध्यम’ माना जाता है। वर्तमान में दिल्ली का 266 स्कोर ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि 301 से 400 ‘बेहद खराब’ और 401 से ऊपर ‘गंभीर’ श्रेणी मानी जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि जब हवा ‘खराब’ या ‘बेहद खराब’ होती है, तो यह सांस के रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से स्वस्थ व्यक्तियों को भी फेफड़ों की समस्या हो सकती है।
सतर्कता और भविष्य के अनुमान
हालांकि, आज वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार दिखा है, लेकिन प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषकर उन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जहाँ सूचकांक 300 के पार है, वहाँ बाहरी गतिविधियों को कम करने का सुझाव दिया गया है। आने वाले दिनों में यदि हवा की गति फिर से कम होती है, तो प्रदूषण का स्तर पुनः ‘गंभीर’ श्रेणी की ओर बढ़ सकता है। सरकार ग्रैप के तहत विभिन्न चरणों के प्रतिबंधों की निरंतर निगरानी कर रही है ताकि स्मॉग की स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।










