Delhi AQI: गुरुवार, 8 जनवरी की सुबह दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए बेहद कठिन साबित हुई। एक ओर कड़ाके की ठंड और घना कोहरा विजिबिलिटी को शून्य के करीब ले आया, वहीं दूसरी ओर जहरीली हवा ने स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी। मौसम विभाग (IMD) ने 11 जनवरी तक घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
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वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर स्तर पर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 401 दर्ज किया गया है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। PM2.5 का स्तर 251 और PM10 का स्तर 336 तक पहुंच गया है। राजधानी के 37 में से 19 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा खतरनाक स्तर पर पाई गई है। यह स्थिति खासकर फेफड़ों और हृदय रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद जोखिमपूर्ण है। डॉक्टरों ने लोगों को घरों के अंदर रहने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
IGI एयरपोर्ट पर कोहरे का असर
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखा गया। विजिबिलिटी घटकर 200 मीटर रह जाने के कारण कई उड़ानों में देरी हुई। इंडिगो और एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं, दिल्ली आने वाली दर्जनों ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है और लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
11 जनवरी तक येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने साफ किया है कि उत्तर भारत में फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिल्ली के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भीषण कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
प्रदूषण और कोहरे की इस दोहरी मार से बचने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं:
सुबह और शाम की सैर से बचें।
बाहर निकलते समय N95 मास्क का उपयोग करें।
यात्रा से पहले एयरलाइंस और रेलवे की वेबसाइट पर स्टेटस चेक करें।
जनजीवन पर असर

दिल्ली-NCR में प्रदूषण और कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग ठंड और जहरीली हवा से बचने के लिए घरों में दुबके हुए हैं। यातायात व्यवस्था प्रभावित है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं। इस प्रकार, दिल्ली में प्रदूषण और कोहरे का डबल अटैक लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में भी स्थिति में सुधार की संभावना कम है, जिससे स्वास्थ्य और यातायात दोनों पर असर जारी रहेगा।









