Delhi Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में GRAP-4 हटने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली है। हवा की गुणवत्ता में सुधार के बाद सीएक्यूएम (CPCB) ने इस स्तर के नियमों को हटाने का फैसला लिया। हालांकि यह समझना कि अब पूरी तरह आज़ादी मिल गई है, बड़ी भूल होगी। हवा अब भी खराब श्रेणी में है और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अन्य नियम अभी भी लागू हैं।
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GRAP-1, GRAP-2 और GRAP-3 लागू रहेंगे
GRAP-4 हटने के बावजूद GRAP-1, GRAP-2 और GRAP-3 के नियम पूरी तरह लागू रहेंगे। इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण दोबारा खतरनाक स्तर तक न बढ़े। सिस्टम फिलहाल प्रिवेंशन मोड में है। अगर अभी छूट दी गई तो कुछ ही दिनों में प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

GRAP-4 लागू होने के दौरान भी कई जगह नियमों की अवहेलना की तस्वीरें सामने आई थीं। कहीं खुले निर्माण कार्य जारी थे, तो कहीं प्रतिबंधित वाहन सड़कों पर दौड़ रहे थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी लापरवाही प्रदूषण को नियंत्रण से बाहर ले जा सकती है और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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निर्माण और धूल फैलाने वाले कामों पर रोक
GRAP-3 के तहत निर्माण और तोड़फोड़ पर अब भी सख्त रोक है। धूल फैलाने वाले किसी भी काम की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, सड़क सफाई, पानी का छिड़काव और कचरा नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान बढ़ा दिया गया है। मॉनिटरिंग अब पहले से ज्यादा कड़ी होगी ताकि प्रदूषण नियंत्रण को बनाए रखा जा सके।
वाहनों के नियम जारी
वाहनों को लेकर भी प्रतिबंध वैसा ही है। बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। यदि ये वाहन चलते हुए पकड़े गए तो भारी जुर्माना लगेगा। ट्रैफिक पुलिस और लोकल टीमों को सख्त चेकिंग के निर्देश दे दिए गए हैं।
GRAP-4 हटने का मतलब नहीं पूरी छूट
कुल मिलाकर GRAP-4 हटने का मतलब यह नहीं कि अब सभी गतिविधियां बिना रोक-टोक चल सकती हैं। अभी भी कुछ काम पूरी तरह मना हैं और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। थोड़ी भी लापरवाही सीधे आपके जेब पर भारी पड़ सकती है।








