हरियाणा में हाइड्रोजन ट्रेन के तकनीकी ट्रायल के कारण देरी

चंडीगढ़. सोनीपत-जींद स्टेशन के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल तकनीकी परीक्षणों के चलते जनवरी में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ट्रैक, ट्रेन और हाइड्रोजन प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं में आ रही – जटिलताओं के कारण ट्रायल की समय-सीमा आगे बढ़ सकती है। ऐसे में अब हाइड्रोजन ट्रेन के फरवरी में ही ट्रैक पर दौड़ने की संभावना है। पहले जनवरी के अंत तक ट्रायल शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए यह – कार्य फरवरी में पूरा होने की संभावना बन रही है। दरअसल, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से

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Published On :

जनवरी 14, 2026

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चंडीगढ़.

सोनीपत-जींद स्टेशन के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल तकनीकी परीक्षणों के चलते जनवरी में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ट्रैक, ट्रेन और हाइड्रोजन प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं में आ रही – जटिलताओं के कारण ट्रायल की समय-सीमा आगे बढ़ सकती है। ऐसे में अब हाइड्रोजन ट्रेन के फरवरी में ही ट्रैक पर दौड़ने की संभावना है।

पहले जनवरी के अंत तक ट्रायल शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए यह – कार्य फरवरी में पूरा होने की संभावना बन रही है। दरअसल, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से पहले केवल ट्रैक की जांच ही नहीं, बल्कि ट्रेन की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और इंधन आपूर्ति प्रणाली की भी बारीकी से टेस्टिंग की जानी है। खास तौर पर हाइड्रोजन गैस के भंडारण और उपयोग को लेकर अतिरिक्त सामभानी बरती जा रही है। हाइड्रोजन गैस अत्यधिक संवेदनशील होती है और इसमें मौजूद नमी ट्रेन के इंजन व फ्यूल सेल सिस्टम को प्रभावित कर मकती है। इसी समस्या के समाधान के लिए हाइड्रोजन प्लांट में विशेष हीटर लगाए जाएंगे, ताकि गैस में मौजूद नमी को पूरी तरह सुखाया जा सके।

हाइड्रोजन ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन में करीब 180 किलोमीटर का सफर तय करने में सक्षम होगी। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग २० किलोमीटर है। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। संचालन से पहले सुरक्षा नियंत्रण उपकरण, स्पीड सेसर और कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति स्तरों पर परखा जाएगा, ताकि ट्रेन निधारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। स्टेशनरी ट्रायल के बाद रनिंग ट्रायल किया जाएगा, जिसमें अभी कुछ और समय लग सकता है।

अभी सोनीपत ट्रैक और हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल होना की है। इनकी टेस्टिंग को जाएगी। इन कायों में अभी समय लगेगा। बिजेंद्र कुमार, एसएसई, नई दिल्ली रेलवे प्रबंधन इस परियोजना में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता और न ही सुरक्षा से समझौता। इसी कारण सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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