आठ जिलों में 60 करोड़ की लागत से आदिवासी छात्रावास निर्माण का फैसला

पटना  राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने हेतु आठ जिलों में 19 छात्रावास का निर्माण कराने जा रही है। इस पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च होंगे। यह राशि जल्द ही पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया जिले को आवंटित की जाएगी। इस राशि में केंद्र सरकार का अंश 36 करोड़ 25 लाख रुपये है, जबकि राज्यांश 24 करोड़ 17 करोड़ रुपये है। प्रत्येक छात्रावास में 100 छात्रों के लिए सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इन छात्रावासों का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 6, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

पटना
 राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने हेतु आठ जिलों में 19 छात्रावास का निर्माण कराने जा रही है। इस पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च होंगे। यह राशि जल्द ही पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया जिले को आवंटित की जाएगी।

इस राशि में केंद्र सरकार का अंश 36 करोड़ 25 लाख रुपये है, जबकि राज्यांश 24 करोड़ 17 करोड़ रुपये है। प्रत्येक छात्रावास में 100 छात्रों के लिए सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इन छात्रावासों का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर किया जाएगा।

ताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर संचालन
मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत छात्रावासों का निर्माण कराने का फैसला लिया गया है।

इस महाअभियान का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक शिक्षा सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के सहयोग से इन छात्रावासों का संचालन नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर किया जाएगा।

इन छात्रावासों में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और आवश्यक संसाधन मिल सकेंगे।

2