जनजातीय अध्ययन में नई पहचान बना रहा DAVV इंदौर, शोध और नवाचार को मिल रही नई दिशा

जनजातीय अध्ययन को नई दिशा दे रहा इंदौर का डीएवीवी जनजातीय समाज, संस्कृति और विकास के अध्ययन-शोध के लिए विशेष पाठ्यक्रम; युवाओं के लिए शोध के अवसर डीएवीवी में एमए, एमबीए और पीएचडी में प्रवेश प्रारंभ इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के स्कूल ऑफ ट्राइबल स्टडीज द्वारा जनजातीय समाज, संस्कृति, परंपराओं और विकास के विविध आयामों को समझने के लिए एक अभिनव शैक्षणिक पहल की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय अध्ययन एवं जनजातीय विकास पर केंद्रित विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जनजातीय समुदायों के जीवन, ज्ञान परंपराओं, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं से परिचित

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Published On :

जून 10, 2026

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जनजातीय अध्ययन को नई दिशा दे रहा इंदौर का डीएवीवी

जनजातीय समाज, संस्कृति और विकास के अध्ययन-शोध के लिए विशेष पाठ्यक्रम; युवाओं के लिए शोध के अवसर
डीएवीवी में एमए, एमबीए और पीएचडी में प्रवेश प्रारंभ

इंदौर

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के स्कूल ऑफ ट्राइबल स्टडीज द्वारा जनजातीय समाज, संस्कृति, परंपराओं और विकास के विविध आयामों को समझने के लिए एक अभिनव शैक्षणिक पहल की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय अध्ययन एवं जनजातीय विकास पर केंद्रित विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जनजातीय समुदायों के जीवन, ज्ञान परंपराओं, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं से परिचित कराना है। यह पहल विद्यार्थियों में जनजातीय समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ उन्हें ऐसे ज्ञान और कौशल से सुसज्जित करती है, जिससे वे भविष्य में जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण और विकास में सार्थक योगदान दे सकें।

स्कूल ऑफ ट्राइबल स्टडीज में एम.ए. (जनजातीय अध्ययन), एम.बी.ए. (जनजातीय विकास एवं प्रबंधन) तथा पीएचडी (जनजातीय अध्ययन) जैसे विशिष्ट कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को जनजातीय समाज के इतिहास, संस्कृति, जीवन-पद्धति, पारंपरिक ज्ञान, सामाजिक चुनौतियों तथा विकास संबंधी मुद्दों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

वर्तमान में जनजातीय समुदायों से जुड़े विषयों पर अध्ययन और शोध की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ जनजातीय विकास की नीतियों, योजनाओं और प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक समझ भी प्रदान करते हैं। इससे छात्र शोध, शिक्षण, सामाजिक विकास, नीति निर्माण तथा प्रशासनिक क्षेत्रों में बेहतर कॅरियर के अवसर बढ़ जाते हैं।

स्कूल ऑफ ट्राइबल स्टडीज द्वारा संचालित ये पाठ्यक्रम न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। जनजातीय अध्ययन के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग को निकट से समझने और उनके विकास में सार्थक योगदान देने का अवसर उपलब्ध कराते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से इन विशेष पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने और समय पर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की है।

 

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