T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होकर छलका दासुन शनाका का दर्द, टीम को बताया ‘शर्मनाक’, आलोचकों को लगाई फटकार

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद श्रीलंका के दिग्गज ऑलराउंडर दासुन शनाका ने चुप्पी तोड़ी है। टीम के फ्लॉप शो को 'शर्मनाक' करार देते हुए उन्होंने ड्रेसिंग रूम के कड़वे सच बयां किए हैं। आखिर क्यों शनाका ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ हार का इंतजार कर रहे थे?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 26, 2026

T20 World Cup 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सह-मेजबानी कर रही श्रीलंकाई टीम के लिए यह टूर्नामेंट किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। शुरुआत में अपने घरेलू दर्शकों के सामने श्रीलंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई टीम को पटखनी दी और ग्रुप स्टेज में हलचल मचाते हुए सुपर-8 में अपनी जगह सुरक्षित की। हालांकि, यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। ग्रुप स्टेज में ही जिम्बाब्वे जैसी टीम से मिली अप्रत्याशित हार ने टीम के आत्मविश्वास को झकझोर कर रख दिया। इसके बाद लंकाई टीम जीत की पटरी पर वापस नहीं लौट सकी और अंततः विश्व कप से बाहर हो गई। इस शर्मनाक विदाई के बाद कप्तान दासुन शनाका का गुस्सा और दर्द दोनों ही फूट पड़ा है।

हार के मुख्य कारण: खराब फिटनेस और घातक पिचें

कप्तान दासुन शनाका ने टीम के बाहर होने के पीछे कई तकनीकी और शारीरिक कारणों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस वर्ल्ड कप में पिचों का व्यवहार बहुत ज्यादा गेंदबाजों के पक्ष में था (बॉलर-फ्रेंडली), जिससे बल्लेबाजों को तालमेल बिठाने में भारी परेशानी हुई। इसके अलावा, शनाका ने टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अहम मौकों पर कुछ खास खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट न होना टीम के संयोजन को बिगाड़ गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने ही मैदान पर 61 रनों की करारी शिकस्त झेलने के बाद श्रीलंका सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई, जिसने श्रीलंकाई क्रिकेट की कमजोरियों को उजागर कर दिया।

नकारात्मकता और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर बड़ा बयान

टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद दासुन शनाका ने बाहरी दबाव और ‘नेगेटिविटी’ पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम के चारों ओर बहुत ज्यादा नकारात्मक माहौल बनाया गया था। शनाका के अनुसार, “क्रिकेटर चाहे कितनी भी सकारात्मक रहने की कोशिश करें, बाहर से आने वाले नकारात्मक कमेंट्स टीम के मनोबल पर असर डालते हैं। स्टेडियम के बाहर लोग बिना मैच देखे ही माइक लेकर कुछ भी कहने के लिए तैयार रहते हैं।” उन्होंने इस स्थिति को श्रीलंकाई क्रिकेट के लिए एक बड़ा नुकसान बताया और आशंका जताई कि अगर यही माहौल रहा तो खेल का भविष्य सुरक्षित नहीं है। शनाका ने यहाँ तक सुझाव दिया कि खिलाड़ियों की मानसिक सुरक्षा के लिए सरकार को दखल देना चाहिए।

बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन पर जमकर बरसे कप्तान

श्रीलंकाई बल्लेबाजी इस टूर्नामेंट में ताश के पत्तों की तरह ढह गई। विशेषकर पिछले दो मैचों में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इंग्लैंड के विरुद्ध पूरी टीम मात्र 95 रनों पर सिमट गई, वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ भी स्कोर 107 रनों से आगे नहीं बढ़ सका। शनाका ने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे केवल एक या दो खिलाड़ियों के भरोसे मैच नहीं जीत सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि टी20 क्रिकेट में ‘इरादा’ (Intent) और जोखिम उठाना अनिवार्य है। कप्तान के अनुसार, “अगर आप सकारात्मक इरादे के साथ आउट होते हैं तो कम से कम संतोष होता है, लेकिन बिना लड़े आत्मसमर्पण करना अस्वीकार्य है।”

भविष्य की चुनौती और आलोचनाओं का सामना

जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से लगातार मिली हार ने श्रीलंकाई क्रिकेट के पुनरुद्धार पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। दासुन शनाका को उम्मीद है कि स्वदेश लौटने पर टीम को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम को अब नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार करनी होगी और आगामी पीढ़ी के खिलाड़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित माहौल प्रदान करना होगा। श्रीलंका के लिए यह विश्व कप एक कड़वे सबक की तरह रहा है, जहाँ उन्हें अपने घरेलू मैदानों का फायदा उठाने के बजाय हार का सामना करना पड़ा।

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