अमेरिका में खतरनाक हीटवेव का कहर, 115 डिग्री ‘फीलिंग’ तापमान ने बढ़ाई 6 करोड़ लोगों की परेशानी

वाशिंगटन  अमेरिका इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान से ज्यादा खतरनाक गर्मी का एहसास होगा, जहां ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी।  अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. हालात इतने गंभीर हैं कि 6 करोड़ से ज्यादा लोगों

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Published On :

जुलाई 1, 2026

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वाशिंगटन 
अमेरिका इस समय साल की सबसे खतरनाक हीटवेव का सामना कर रहा है. देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान से ज्यादा खतरनाक गर्मी का एहसास होगा, जहां ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस होगी। 

अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में 18 राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. हालात इतने गंभीर हैं कि 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए हीट अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाएगा. लेकिन असली चिंता तापमान नहीं, बल्कि हीट इंडेक्स को लेकर है. ज्यादा नमी यानी ह्यूमिडिटी की वजह से लोगों को गर्मी 115 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 46 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस होगी। 

अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी चेतावनी में कहा है कि देश के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में खतरनाक और कई जगह रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने वाली है. एजेंसी के मुताबिक, यह हीटवेव 4 जुलाई यानी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस वाले लंबे वीकेंड तक जारी रह सकती है। 

दिन तो दिन, रात में भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन ही नहीं, रातों में भी राहत नहीं मिलेंगी. कई शहरों में रात का तापमान भी 80 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. इसका मतलब है कि लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाएगा। 

NWS के मुताबिक, हीट इंडेक्स वह पैमाना है जिसमें एक्चुअल तापमान के साथ हवा में मौजूद नमी को भी शामिल किया जाता है. इसलिए कई बार थर्मामीटर पर तापमान कम दिखाई देता है, लेकिन शरीर को उससे कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि इस बार हीट इंडेक्स 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट तक रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में यह 115 डिग्री तक पहुंच सकता है। 

हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा
स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, एयर कंडीशनर या ठंडी जगहों पर रहें और बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें. डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीट क्रैम्प्स, हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 

दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका का पूर्वी हिस्सा आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिमी हिस्से में मौसम बिल्कुल उल्टा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राज्यों में तापमान सामान्य से 20 से 35 डिग्री फारेनहाइट तक कम रहने का अनुमान है. हालांकि देश के बड़े हिस्से में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही खतरनाक हीटवेव बनी हुई है, जिसने करोड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है और आने वाले कई दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। 

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