डांसिंग कॉप रंजीत सिंह को सजा, इंदौर पुलिस ने किया डिमोशन, विवादित चैट मामले में कार्रवाई

इंदौर  डांसिंग कॉप के नाम से प्रसिद्ध ट्रैफिक पुलिस आरक्षक रंजीत सिंह को वापस से आरक्षक बना दिया गया है. पिछले दिनों उनके काम को देखते हुए उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पदस्थ किया गया था, लेकिन लखनऊ की एक महिला द्वारा जिस तरह से उन पर गंभीर आरोप लगाए गए, उसको देखते हुए उनको वापस से आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पदस्थ कर दिया है. जो की एक बड़ी सजा मानी जा रही है. डांसिंग कॉप पर महिला ने लगाए आरोप इंदौर के हाईकोर्ट चौराहे पर

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 29, 2026

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इंदौर
 डांसिंग कॉप के नाम से प्रसिद्ध ट्रैफिक पुलिस आरक्षक रंजीत सिंह को वापस से आरक्षक बना दिया गया है. पिछले दिनों उनके काम को देखते हुए उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पदस्थ किया गया था, लेकिन लखनऊ की एक महिला द्वारा जिस तरह से उन पर गंभीर आरोप लगाए गए, उसको देखते हुए उनको वापस से आरक्षक के पद पर पुलिस के ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पदस्थ कर दिया है. जो की एक बड़ी सजा मानी जा रही है.

डांसिंग कॉप पर महिला ने लगाए आरोप

इंदौर के हाईकोर्ट चौराहे पर अपने अनोखे डांस स्टेप के जरिए ट्रैफिक को कंट्रोल करने को लेकर सुर्खियों में आए थे. उनका ट्रैफिक को कंट्रोल करने और नियमों का पालन करने का तरीका सभी को पसंद आया था. इसे देखते हुए इंदौर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ किया था, लेकिन इसी बीच डांसिंग कॉप रंजीत को लेकर लखनऊ की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए.

इंदौर पुलिस लाइन में थे पदस्थ

कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 146 रंजीत सिंह वर्तमान में रक्षित केंद्र इंदौर में पदस्थ थे। विभागीय अनुशासनात्मक प्रक्रिया के आधार पर उनका प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार वापस लेते हुए उन्हें मूल पद पर भेज दिया गया है। इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से मीडिया को जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

मुंबई की युवती ने लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राधिका सिंह नाम की एक युवती ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती का कहना था कि रंजीत ने उसे दोस्ती का ऑफर दिया इंदौर बुलाने की बात कही और फ्लाइट टिकट व होटल बुक कराने की बात कही थी । राधिका ने वीडियो में कहा कि इस तरह का व्यवहार उसे पसंद नहीं आया इसलिए उसने सोशल मीडिया पर वीडिया डालकर आपत्ति जताई थी।

मिलने के लिए बुलाया था इंदौर
वीडियो सामने आने के बाद ट्रैफिक हवलदार रंजीत सिंह ने अपनी सफाई में कहा था कि लगभग डेढ़ साल पहले एक युवती ने खुद को उनका फैन बताते हुए उनसे लाइव ड्यूटी देखने की इच्छा जताई थी। उस दौरान उन्होंने मजाक में कहा था कि अगर वह इंदौर आती हैं तो वे फ्लाइट और होटल की व्यवस्था कर देंगे ताकि वह उन्हें लाइव ड्यूटी करते देख सकें।

महिला ने लगाए थे कई आरोप
रंजीत सिंह की सफाई के बाद राधिका सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक अन्य वीडियो शेयर की। इसमें रंजीत सिंह के बारे में उल्टी सीधी बातें की थी। महिला डांसिंग कॉप के बारे में कहती है कि भाई तू कॉन्स्टेबल है, तेरे को कौन देखना चाहेगा, शक्ल देखी है अपनी…तुमसे एक बात समझ में आ गई है कि मर्द समाज में डर का माहौल है। लोगों को बुरा लग रहा है। वही लोग तुम्हें डिफेंड कर रहे हैं। राधिका सिंह ने कहा कि कुछ लोगों को मेरे सिगरेट पीने और मेरे छोटे कपड़े पर सवाल उठा रहे हैं। क्या सिगरेट पीने से मेरा चरित्र खराब हो जाएगा।

कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के पद से हटे डांसिंग कॉप

मामला बढ़ता देख रंजीत सिंह के खिलाफ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एक विभागीय जांच बैठाई. जहां विभागीय जांच में कई तरह की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची. इन सब चीजों को देखते हुए वापस से रंजीत सिंह को आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया. जिसे एक तरह से अधिकारियों द्वारा दी उन्हें सजा माना जा रहा है. मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह का कहना है कि "पिछले कुछ दिनों से लगातार उनके काम की मॉनिटरिंग की जा रही थी. जिस तरह से उनके काम को देखते हुए कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनाया गया था, लेकिन कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनने के बाद वह उस स्तर पर पुलिस का काम नहीं कर रहे थे. जिसके चलते उन्हें वापस से आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है."

बताया जा रहा है कि इंदौर पुलिस द्वारा लगातार ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है, जो अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं. पूर्व में भी ऐसी कई सजा अन्य पुलिसकर्मियों को भी मिल चुकी है.

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